नगर में शुक्रवार को लोहड़ी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। सिख एवं पंजाबी समाज के लोगों ने पहले गुरुद्वारा में अरदास की उसके बाद सामूहिक रूप से लोहड़ी जलाकर जमकर धमाल मचाया। महिला और पुरुषों ने लोहड़ी के चारों ओर गिद्दा किया। देर रात पंजाबी और सिख समाज के लोग हर्षोल्लास से एक दूसरे को बधाई देते रहे। जिन परिवारों में शादी की पहली साल थी या इसी साल बच्चे का जन्म हुआ है उन परिवारों में विशेष खुशी देखी गई। इस दौरान मूंगफली, रेबड़ी, गुड़ आदि का वितरण किया गया।
लोहड़ी पर्व प्रकृति की पूजा का पर्व बताया जाता है। सिख समाज के लोग लोहड़ी पर आग जलाकर प्रकृति की पूजा करते हैं। आग को तिल, गजक, मूंगफली, गुड़, गन्ने समर्पित कर नाचते-गाते हुए लोहड़ी मनाते है। शुक्रवार को नगर में सिख एवं पंजाबी समाज ने इस पर्व को हर्षोल्लास से मनाया।
पंजाबी कालोनी निवासी अनिल अरोरा की दिसंबर में शादी हुई है। यह उनकी पहली लोहड़ी है। पत्नी समीक्षा लोहड़ी पर विशेष उत्साहित नजर आए। दोनों लोग कई दिनों से लोहड़ी की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने बताया कि सभी रिश्तेदारों एवं परिचितों को घर पर आमंत्रित किया है। इस दौरान सभी ने मिलकर लोहड़ी में मूंगफली, रेबड़ी, पॉपकार्न आदि डालकर पूजा की।
पंजाबी कालोनी निवासी हिमांशु को इसी वर्ष बेटा पैदा हुआ है। उनके घर में लोहड़ी मनाने के लिए जमकर तैयारियां की गईं। उन्होंने पड़ोसियों और रिश्तेदारों को भी बुलाया। रात में लोहड़ी जलते ही उसमें मूंगफली, रेबड़ी आदि डालकर जमकर धमाल किया। सभी लोग देर रात तक नाचते गाते रहे। हिमंाशु की मां मोना ने बताया कि बच्चा पैदा होने के बाद पहली लोहड़ी का विशेष महत्व होता है।
वहीं पंजाबी कालोनी में हर ओर उत्साह का माहौल दिखा। ढोल की थाम पर बच्चों और बड़े गिद्दा करते नजर आए। पंजाबी कालोनी में देर रात तक भांगड़ा और गिद्दा नृत्य हुआ। इस दौरान एक दूसरे को मिठाइयां, रेबड़ी, मूंगफली, गजक आदि बांटकर लोहड़ी की बधाई दी।