शार्प शूटर मुंसाद को जिला जेल में मोबाइल से लेकर अन्य तमाम सुविधाएं दिलाने के मामले में चार बंदी रक्षकों के नाम सामने आ रहे हैं। लालच के चलते उसकी हर मांग पूरी करने का जिम्मा चिन्हित बंदी रक्षकों ने ही लिया था। अभी तक की जांच में जो सामने आया है उसके अनुसार जेल में सब कुछ सामान्य नहीं है।
जेल से भागे शार्प शूटर शामली निवासी मुंसाद, अल्मोड़ा निवासी डाक्टर राजेंद्र, फिरोजाबाद निवासी योगेश, जालौन निवासी सुनील को तलाशने में जुटी पुलिस के साथ ही उनके भागने के संबंध में कई एजेंसियां जांच कर रही हैं। प्रशासन की जांच में जेलर सहित 14 बंदी रक्षक दोषी पाए जा चुके हैं। उन पर शातिरों को जेल से भगाने का षड्यंत्र रचने का भी आरोप है। जेल विभाग द्वारा अलग से जांच कराई जा रही है। कई स्तर पर चल रही जांच में बंदी रक्षकों, जेल कर्मियों के साथ ही कुछ बंदियों के बयान भी दर्ज किए गए हैं।
जांच के दौरान कई तरह की अव्यवस्थाओं की जानकारी जांच टीमों को मिल रही हैं। सूत्रों की मानें तो जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। जेल में रहने के दौरान मुंसाद की मोबाइल से उसके चहेतों से बात कराने के मामले में चार बंदी रक्षकों के नाम सामने आ रहे हैं। जांच टीमें इन बंदी रक्षकों की गतिविधियों पर भी निगाह लगाए हैं।
जेल सूत्रों के अनुसार जेल विभाग ने इन बंदी रक्षकों के मोबाइल की काल डिटेल मांगी है। वहीं उनकी हर गतिविधि पर खुफियाकर्मी भी निगाह लगाए हैं। शातिरों के जेल से भागने के बाद बंदी रक्षक एक-दूसरे को शक की निगाह से देख रहे हैं। जबकि जेल में बंदियों पर पहरा बढ़ा दिया गया है। जेल में बाहर से पहुंचाई जाने वाली सुविधाएं रोक दी गई हैं। जेल से दीवानी पेशी पर लाए जाने वाले बंदियों को भी सुरक्षा और एहतियात के बीच कोर्ट से वापस लाया जा रहा है।
मुंसाद पर मिला था मोबाइल
मैनपुरी (ब्यूरो)। जिला कारागार से भागने वाले शूटर मुंसाद पर जनवरी में मोबाइल पकड़ा गया था। जेल सूत्र बताते हैं कि वह किसी से काफी देर से बात कर रहा था। इस दौरान उसे पकड़ने के बाद जमकर पिटाई की गई थी। जेल सूत्रों की मानें तो कुछ दिनों तक तो उस पर विशेष निगरानी रखी गई। बाद में वह फिर फोन पर बात करने लगा था। मुंसाद और डाक्टर राजेंद्र अक्सर साथ-साथ ही रहते थे। वह भी फोन पर बातें करता रहता था।
जीवा को मिलती हैं विशेष सुविधाएं
जिला कारागार से कुछ समय पूर्व ही छूटकर आए एक बंदी की मानें तो शातिर जीवा को जेल में विशेष सुविधाएं मिलती हैं। बच्चों की बैरक में एक ओर नाबालिग बंदी रहते हैं। वहीं एक में वह अकेला रहता है। उसे वहां फोन, विशेष खान आदि सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।