बिना फिटनेस के ही दौड़ रही हैं स्कूल बस
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जिला प्रशासन को भी एटा जैसे हादसे का इंतजार है। सहायक संभागीय विभाग अधिकारियों की लापरवाही से जिले में बिना फिटनेस के ही स्कूल वाहन दौड़ रहे हैं। विभन्नि स्कूलों की 150 से अधिक बसें ऐसी हैं जिनके पास फिटनेस प्रमाण पत्र तक नहीं हैं। यही नहीं सैकड़ों जर्जर टेंपो और गैस किट लगे वाहन भी स्कूली बच्चों को लाने ले जाने का काम कर रहे हैं। वहीं एटा में हुए हादसे के बाद दोपहर में जिले में भी स्कूली वाहनों की चेकिंग की गई।
एटा में गुरुवार सुबह स्कूली बस और ट्रक की टक्कर में एक चालक और 12 बच्चों सहित कुल 13 की मौत हो गई। ऐसा हादसा जिले में भी हो सकता है। जिले में वर्तमान में स्कूलों में कुल 259 स्कूल बस एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत हैं। कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार इनमें से 150 बसों की फिटनेस काफी समय पहले ही समाप्त हो चुकी हैं। इनका नवीनीकरण स्कूल संचालकों ने नहीं कराया है। यही नहीं सैकड़ों की संख्या में टेंपो, टाटा एस आदि वाहन बच्चों को स्कूल से लाने और ले जाने में लगाए हैं। जबकि यह वाहन अधिकृत नहीं हैं। यही नहीं इनमें से अधिकतर वाहन काफी जर्जर हालात में हैं। बावजूद इसके न तो स्कूल प्रबंधन ध्यान देता है और न ही अधिकारी। यही कारण है कि एटा में भीषण हादसा हुआ। एआरटीओ कार्यालय के अनुसार उक्त बसों के स्कूल संचालकों और मालिकों को नोटिस भेजे जा चुके हैं। इसके बाद भी अभी तक किसी ने भी फिटनेस का नवीनिकरण नहीं कराया है।
इस संबंध में डीएम सीपी सिंह का कहना है कि सभी स्कूल प्रशासन और एआरटीओ कार्यालय को पत्र लिखकर अवैध रूप से संचालित वाहनों को सीज करने का अभियान चलाया जाएगा। बच्चों के जीवन से खिलवाड़ करने का अधिकार किसी को नहीं है।