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पहले ही दिन प्रशासन की व्यवस्थाएं फेल

Thu, 19 Feb 2015 11:40 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
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किशनी क्षेत्र के चौधरी तेजसिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और कुसमरा के महारानी लक्ष्मीदेवी इंटर कालेज में परीक्षार्थी टाट पट्टी पर बैठकर परीक्षा देते नजर आए। धारा 144 लागू होने के बाद भी गेट पर पुलिस कर्मियों के न होने से लोग गेट और विद्यालय के पीछे भीड़ लगाए रहे। यह लोग अपने परिचितयों को नकल भी पहुंचा रहे थे। किशनी, कुरावली और बेवर क्षेत्र में कई परीक्षा केंद्रों पर जमकर नकल कराई गई। कहीं बाहर से अभिभावक और सहयोगियों ने अंदर नकल पहुंचाई तो कहीं बोल-बोल कर भी परीक्षार्थियों को नकल कर्राई। एडीआईओएस विजय पाल सिंह के सचल दल ने आदर्श इंटर कालेज किशनी में हाईस्कूल की परीक्षा में एक  नकल करते दबोचा। हालांकि सचल दस्ते के हाथ कोई नकलची नहीं आया। परीक्षा के बाद छात्र-छात्राएं काफी खुश नजर आए।

कार्यालय में बैठकर तो नहीं हो गया सत्यापन
तमाम अव्यवस्थाओं के बाद भी जिस प्रकार के कालेजों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है उससे लगता है कि अधिकारियों ने केंद्र बनाने से पहले भौतिक सत्यापन ही नहीं किया। कार्यालय में बैठकर ही रिपोर्ट तैयार कर दी। केंद्रों पर बच्चों के बैठने की व्यवस्था न देख अधिकांश अभिभावक यही कहते नजर आए।
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प्रवेशगुरुवार से शुरू हुई बोर्ड परीक्षा के पहले ही दिन प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। कई विद्यालयों में परीक्षार्थियों के हिसाब से फर्नीचर न होने के चलते टाट-पट्टी पर बिठाकर परीक्षा दिलाई गई। विद्यालयों में परीक्षार्थी एक साथ बैठकर नकल करते नजर आए। हाईस्कूल की परीक्षा में एडीआईओएस के सचल दल ने एक नकलची पकड़ा। सबसे ज्यादा किशनी, कुसमरा, कुरावली और बेवर क्षेत्र में पहले दिन नकल कराए जाने की शिकायत मिलीं। दसवीं के 43351 छात्रों में से 8355 ने परीक्षा छोड़ दी। वहीं इंटर की हिंदी प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा 208 केंद्रों पर हुई


पत्र में त्रुटि का मिल गया फायदा
बोर्ड से आए कई छात्रों के प्रवेश पत्र में नाम के आगे कुंवारी लिख दिया गया। कुंवारी लिखा होने के चलते इन परीक्षार्थियों को अपने ही विद्यालय में परीक्षा देने का मौका मिल गया। ऐसे परीक्षार्थी बोर्ड की गलती होने के लिए भगवान को धन्यवाद दे रहे थे।

कराई गई सामूहिक नकल
किशनी क्षेत्र में कई विद्यालयों में तो सामूहिक नकल कराई गई। विद्यालयों में जहां जमीन पर एक साथ बैठकर छात्र-छात्राएं झुंड बनाकर नकल कर रहे थे तो कई विद्यालयों में बोल-बोलकर नकल कराई जा रही थी। इस ओर सचल दल और न ही अधिकारियों का ध्यान था।

कर्मचारी बने कक्ष निरीक्षक
परीक्षा के पहले ही दिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी रही। किशनी के जीजीआईसी में पांच शिक्षकों में से केवल दो ही शिक्षक पहुंचे। वहीं जीजीआईसी करहल में 28 में से नौ शिक्षक नहीं पहुंचे। ऐसे में विद्यालय के कर्मचारियों से कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी कराई गई। ऐसा ही आलम अन्य कई विद्यालयों में भी रहा।

दूर केंद्र बनने से कई ने छोड़ी परीक्षा
बड़ी संख्या में स्कूलों के सेंटर मानक से काफी दूरी पर डाले गए हैं। इनमें कुछ स्कूलों का सेंटर तो 25 किमी तक दूर बताया जा रहा है। यही कारण है कि बच्चे परीक्षा देने के लिए समय से नहीं पहुंच सके और उनकी परीक्षा छूट गई। एडीआईओएस विजय पाल सिंह का कहना था कि छात्रों ने जिले में दो स्थानों से फार्म भरा हो। इसका खुलासा पूर्व में बोर्ड कर चुका है। इसके चलते उन्होंने एक स्थान पर परीक्षा छोड़ दी हो। वहीं डीआईओएस आरपी यादव का कहना है कि इस बार नकल पर रोक के चलते कई छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी।
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एबीएसए को निर्देश दिए हैं कि बोर्ड परीक्षा में जिन शिक्षकों की ड्यूटी लगी है उन्हें उस दिन के लिए अन्य कार्यों से मुक्त किया जाए। ड्यूटी न करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
बीएसए, प्रदीप कुमार
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