पिता के हाथों अपनी ही बेटी के कत्ल की इस घटना के बाद ग्रामीणों में दुख और रोष व्याप्त है। वहीं बेटी को खोने के बाद मां पूनम के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद जब मुस्कान का शव घर पहुंचा तो पूनम बदहवास हो गई। बेटी के शव से लिपट कर काफी देर तक रोती रही।
गांव की महिलाओं ने जैसे-तैसे शव से अलग किया। इसके बाद परिजन व ग्रामीण शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। बेटी को हमेशा के लिए खोने के बाद पूनम ने अब पति के घर में न रहने की ठान ली और चार बच्चों के साथ बहन मंजू के गांव नगला सिकरवार चली गई। उधर पुलिस मुस्कान के हत्यारोपी पिता की तलाश में जुटी है।