गोद लिए गांव समान के निरीक्षण को पहुंचे डीएम का उस समय पारा चढ़ गया जब उनको निरीक्षण में खामियां ही खामियां मिलीं। शिकायतें मिलने पर एसीएमओ, डीपीआरओ, कार्यक्रम अधिकारी को फटकार लगाई। लेखपाल का वेतन रोकने के आदेश दिए। महिला प्रधान से कहा कभी घर से भी निकलकर गांव में हो रहे काम को देखें। प्रधान प्रतिनिधि की बात किसी हालत में नहीं सुनी जाएगी।
बुधवार की दोपहर एक बजे गोद लिए गए गांव में डीएम यशवंत राव पहुंचे। आंगनबाड़ी केंद्र पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनम, आशा, सीडीपीओ, डीपीओ, पंचायत सचिव, लेखपाल, ग्राम प्रधान, पीएचसी समान के चिकित्साधिकारी, एसीएमओ के साथ बैठक कर समीक्षा की। रजिस्टर में पंजीकृत 85 बच्चों के सापेक्ष 20-25 बच्चे मिलने पर नाराजगी जताई। प्रधान आरती देवी से कहा आप तो पढ़ी लिखी हैं। कभी घर से बाहर निकलकर भी विकास काम देखो। महिला प्रधान होने के नाते समाज की महिलाओं के लिए काम करिए। सोनी, जूली ने शिकायत की प्रसव के बाद मिलने वाले 1400 रुपये अभी तक नहीं मिले हैं। चिकित्साधिकारी डा. शंभू सिंह, एसीएमओ डा. रामकिशन को फटकार लगाई। कार्यक्रम अधिकारी साहब यादव से कहा तुम्हारे यहां सभी फर्जी काम हो रहे हैं। पंचायत सचिव से कहा जिस मजरे की सबसे ज्यादा स्थिति खराब हो वहां पहले काम लगाइये। मौकेे पर मौजूद बच्चे आरजू, गैयानू, गुलशन द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र पर पुष्टाहार नहीं मिलने की शिकायत पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को तथा टीकाकरण में लापरवाही पर एएनएम को फटकार लगाई। एसडीएम किशनी अविनाश चंद्र मौर्य, डीपीआरओ अभय कुमार यादव आदि मौजूद थे।
विकास कार्यों से डीएम असंतुष्ट
डीएम ने अधिकारियों से कहा जिले में समान दूसरी सबसे बड़ी ग्राम सभा है। इसकी सबसे ज्यादा दुर्दशा है। मैं विकास कार्यों से बिल्कुल भी संतुष्ट नही हूं। अगले निरीक्षण से पहले व्यवस्थाएं सुधारी जाएं। अगर कमियां मिलीं तो कड़ी कार्रवाई होगी।
महिलाओं ने खोली पोल
डीएम को गर्भवती हाजरा ने बताया उसे अभी तक आयरन की गोलियां नहीं दी गई हैं। चांदनी, मालती ने बताया टीकाकरण के समय ही पुष्टाहार दिया जाता है निर्धारित तिथि को नहीं दिया जाता है। समान में अभी 10 बच्चे अतिकुपोषित, 28 बच्चे कुपोषित हैं। डीएम ने कहा बच्चों, गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति उदासीनता बरती तो नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा।