आईएएस अफसर के घर पर आयकर छापा
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आय से अधिक संपत्ति के मामले में चार जिलों के आयकर विभाग की टीमों ने आईएएस अधिकारी नोएडा विकास प्राधिकरण के एडिशनल सीईओ डा. विमल कुमार शर्मा के भोगांव के छोटा बाजार स्थित पैतृक आवास पर छापा मारा। इस दौरान घर में मिले सभी लोगों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए। न तो किसी को अंदर आने दिया गया और न ही कोई घर से बाहर जा सका। देर शाम घर में मिली तिजोरी को खोलने के लिए गैस कटर भी मंगवाया गया। खबर लिखे जाने तक कार्रवाई जारी थी।
बुधवार को प्रात: 8.25 बजे गाजियाबाद, आगरा, एटा एवं मैनपुरी के आयकर विभाग के लगभग 24 अधिकारियों ने संयुक्त रूप से छोटा बाजार स्थित आईएएस अफसर डा. विमल शर्मा के पैतृक आवास पर छापा मारा। अधिकारियों के पहुंचने के समय घर पर उनके भाई डाक्टर शैलेंद्र शर्मा और शरद शर्मा मौजूद थे। आयकर विभाग की टीम ने घर में मौजूद सभी सदस्यों को बाहर जाने व बाहर के लोगों को अंदर आने से रोक दिया। इस दौरान आईएएस के घर के बाहर बनी दुकानों के सभी किराएदारंों से भी पूछताछ की गई। उनसे पूछा गया कि वे कब से किराएदार हैं और कितना किराया किसे और कब देते हैं? उन्होंने सभी परिजनों के खातेे भी चेक किए। यही नहीं आयकर विभाग की टीम ने डाक्टर विमल कुमार शर्मा के घर में जांच के दौरान किराएदार के रूप में रह रहे भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष राजेंद्र सोनी को भी बाहर आने जाने की अनुमति नहीं दी। देर शाम घर में मिली तिजोरी को खोलने के लिए गैस कटर भी मंगवाया गया। खबर लिखे जाने तक कार्रवाई जारी थी।
महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं विमल शर्मा
डा. विमल कुमार शर्मा गाजियाबाद और फिरोजाबाद के जिलाधिकारी रह चुके हैं। वहीं उनकी पत्नी ममता शर्मा मेरठ में आरटीओ पद पर कार्यरत हैं। डाक्टर शर्मा के बड़े भाई अनिल शर्मा मैनपुरी खरगजीत नगर में रहते हैं जबकि एक अन्य बड़े भाई डाक्टर शैलेंद्र शर्मा डेयरी फार्म चलाते है। छोटे भाई शरद शर्मा डाकघर में लिपिक पद पर कार्यरत हैं। सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग ने उनकी पत्नी ममता शर्मा के मेरठ स्थित आवास पर भी छापामार कार्रवाई की है।
लोगों ने समझा अफसर मिलने आए हैं
अधिकारियों की गाड़ियां बुधवार सुबह विमल कुमार शर्मा के घर पहुंची तो लोग समझे कि कोई अधिकारी मिलने आए हैं। बाद में पुलिस फोर्स तैनात होने और घर में आने जाने पर पाबंदी के बाद क्षेत्र में लोगों को पता चला कि यह आयकर विभाग का छापा है। इसके बाद कस्बे के बड़े व्यापारियों में हड़कंप मच गया। कई बड़े व्यापारी तो प्रतिष्ठान बंद कर चले गए।