उद्यमियों, व्यापारियों और सीए को बजट से उम्मीद
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इस बार बजट में कृषि आधारित उद्योगों को विशेष छूट दी जाए। वहीं आम आदमी की इच्छा है कि इस बार आयकर की सीमा बढ़ाई जाए ताकि कुछ राहत मिल सके। वहीं छोटे व्यापारियों को भी बजट से उम्मीद है कि उनके लिए भी केंद्र सरकार कुछ न कुछ राहत का प्रावधान करेगी।
एक फरवरी को केंद्र सरकार का बजट आ रहा है। इसे लेकर जब शहर के प्रमुख उद्यमी अनिल अग्रवाल से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने वादा किया था कि कृषि आधारित उद्योगों को सरकार पांच प्रतिशत तक की छूट देगी। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। इस बार बजट से आशा है कि केंद्र सरकार इस छूट को दो प्रतिशत से बढ़ाकर पांच प्रतिशत कर देगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने वादा किया था कि कारपोरेट टैक्स पर 25 प्रतिशत तक छूट देंगे लेकिन इसकी समय सीमा बढ़ाकर 2019 कर दी गई है। इससे इसी वित्तीय वर्ष से लागू किया जाए। ताकि उद्यमियों को राहत मिल सके। वहीं सीए संदीप अग्रवाल का कहना है कि वर्तमान में आम आदमी को सबसे ज्यादा जरूरत है कि व्यक्तिगत आयकर छूट का स्लैब बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया जाए। ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके। वहीं 5-10 लाख रुपये की आय पर वर्तमान में 20 प्रतिशत टैक्स लगता है। इस बजट में इसके कम होने की भी लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं।
व्यापारी नेकसे गुप्ता का कहना है कि बजट में छोटे व्यापारियों को मिलने वाले ऋण पर ब्याज कम किया जाना चाहिए। इसके अलावा डेली यूज के उत्पादों पर टैक्स कम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि डीजल के रेट कम होने चाहिए। ताकि भाड़ा कम होने पर महंगाई से राहत मिल सके।