जिले में सड़के बनवाने से ही केवल आदर्श जिला नहीं बन जाता है। लोगों को पर्याप्त सुविधाएं मिलनी चाहिए। प्रदेश सरकार ने उक्त सुविधाएं बढ़ाने के स्थान पर घटाने का कार्य किया है। वफ्फ बोर्ड की सुनवाई स्थानीय स्तर पर समाप्त करने के स्थान पर रामपुर में कर दी है। इससे स्थानीय वकीलों और लोगों में रोष है। जिले में एंटी करप्शन और मानवाधिकार कोर्ट की भी काफी समय से जरूरत है। वकीलों और स्थानीय लोगों की यह मांग काफी समय से लंबित है।
मैनपुरी कार्यालय में आयोजित फोकस ग्रुप की बैठक में अधिवक्ताओं ने शहर से जुड़ी उन समस्याओं की ओर ध्यान दिलाया जिनके बारे में अक्सर लोग सोचते तक नहीं हैं। अधिवक्ताओं ने बताया कि किस प्रकार यहां के लोगों से विधिक सुविधाएं सरकार ने छीन लीं और वे न्याय के लिए दूर दराज के शहरों में भटकने के लिए मजबूर हैं।
संजीत गौड़ का कहना है हाईकोर्ट की आगरा में बेंच बनाने के लिए वकील लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। लोगों को इलाहाबाद तक जाने में परेशानी होती है। आगरा में बेंच बन जाने से लोगों के धन और समय की बर्बादी रुक जाएगी। वक्फ बोर्ड के मुकदमों की पुरानी व्यवस्था के तहत ही जिले में ही सुनवाई होनी चाहिए।
अनिल कुमार शर्मा का कहना है जिले में एंटी करप्शन तथा मानवाधिकार कोर्ट की स्थापना होनी चाहिए। सेल्स टैक्स विभाग में एडिशनल कमिश्नर अपील के रिक्त चल रहे पद को भरा जाना चाहिए जिससे व्यापारियों की समस्या हल हो सके।
कृष्ण मुरारी मिश्रा का कहना है जिले में शुगर मिल की स्थापना कराई जाए। कृषि आधारित उद्योग धंधे स्थापित किए जाएं जिससे युवाओं को रोजगार मिल सके। जिले के विकास में बेरोजगारी ही सबसे बड़ी समस्या है। किसी भी राजनीतिक दल अथवा जन प्रतिनिधि ने इस गंभीर समस्या को दूर करने में पहल नहीं की है।
संजीव चतुर्वेदी का कहना है केवल सड़कों का विकास ही पर्याप्त नहीं है। तेजी से बढ़े अपराधों को रोकने के लिए भी योजना बनाई जाए। सपा शासन में विकास तो हुआ पर अपराध तेजी से बढ़े हैं। अपराधियों को सत्ता का संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।
प्रखर दीक्षित का कहना है जिले को वीआईपी घोषित करना ही पर्याप्त नहीं है। जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डाक्टरों की तैनाती की जानी चाहिए। करोड़ों की लागत से बनी कैंसर यूनिट शीघ्र चालू की जानी चाहिए। नगर पालिका क्षेत्र में हो रही गंदे पानी की आपूर्ति रोकी जानी चाहिए।
यतीश दीक्षित का कहना है आवागमन की सुविधा के लिए साप्ताहिक आनंद विहार एक्सप्रेस को सप्ताह में दो बार और मैनपुरी से आगरा तक पैसेंजर ट्रेन रोजाना चलाई जानी चाहिए। शहर में जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए शहर में ही कम से कम तीन चार स्थानों पर लोकल पार्किंग की व्यवस्था कराई जानी चाहिए।