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जेल में निरुद्ध बंदी की उपचार के दौरान मौत

Sun, 15 May 2016 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
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जांच - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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थाना कुरावली क्षेत्र के गांव हीरापुर निवासी जिला कारागार में निरुद्ध बंदी की रविवार को जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। परिवारीजनों की ओर से जेलर पर इलाज के लिए रुपये मांगने और लापरवाही का आरोप भी लगाया है। पुलिस ने शव का पंचनामा भर शव का पोस्टमार्टम कराया। वहीं देर शाम तक थाने में कोई तहरीर नहीं दी गई थी। 
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बीते माह 30 अप्रैल को थाना क्षेत्र के ग्राम हीरापुर में खेत के रास्ते को लेकर हुए विवाद में प्रेमपाल निवासी गांव उदयपुरा थाना जैथरा (एटा) और दूसरे पक्ष के इंद्रपाल सिंह ने थाना में एक-दूसरे पर फायरिंग कर जान से मारने के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उक्त घटना में दोनाें पक्षों के तीन लोग गोली लगने से घायल हुए थे। थाना पुलिस ने मामले में तीन मई को इंद्रपाल, मंजीत सिंह और दूसरे पक्ष के हरदयाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। बताते हैं कि जेल में इंद्रपाल की तबियत खराब हो गई। रविवार को हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल लाया गया, यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवारीजनों की ओर से जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। परिवारीजनों ने बताया कि इंद्रपाल का इलाज कराने के कई बार जेलर से कहा गया, लेकिन वहां उनसे रिश्वत की मांग की गई। मृतक के चचेरे भाई ने जेल में बंद दूसरे पक्ष के लोगों पर मृतक की हत्या करने का आरोप भी लगाया। मामला गंभीर होता देख परिसर में पुलिस कर्मियों की तैनात किए गए। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवारीजनों को सौंप दिया गया। 

मृतक मानसिक रूप से कुछ परेशान था। कुछ दिनों से बीमार चल रहा था। जिसका उपचार कारागार में बने चिकित्सालय में कराया जा रहा था। रविवार को तबियत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार की ओर से लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।
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सुरेश मिश्रा, जेलर

दो डाक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम, कराई वीडियोग्राफी
मैनपुरी। जिला कारागार में बंदी की मौत के बाद दो डाक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। इस दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम कराने वाले डाक्टर्स में एक डाक्टर टीबी रोग विशेषज्ञ और दूसरे नेत्र रोग विशेषज्ञ थे।
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