शनिवार को शहर और कस्बा के मंदिरों में मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी के साथ मां चंद्रघंटा की पूजा की गई। श्रद्धालुओं ने वैराग्य, ज्ञान सहित मनोकामना पूर्ण होने की कामना की।
शहर में स्थित शीतला माता मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। अत्यधिक भीड़ के चलते मंदिरोें में पुलिस तैनात कर दी गई। नवरात्र के दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी और कुष्मांडा देवी की पूजा एक साथ हुई। वहीं कुरावली के महाराज जी बाबा मंदिर, बनखंडेश्वर मंदिर, श्यामादेवी, मंदिर, गायत्री शक्तिपीठ, मंदिर कुरहट, मंदिर गेमी महाराज, दुर्गा मंदिर अलूपुरा अड्डा पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर मां के द्वितीय व तृतीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी के साथ मां चंद्रघंटा की आराधना कर मनोकामना पूर्ण होने की कामना की। पंडित वेदप्रकाश ने बताया कि मां दुर्गा के दूसरे व तीसरे स्वरूप की आराधना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
करहल के देवी मंदिरों में माता के द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना के लिए भक्तों की भारी भीड़ पहुंची। जगह जगह माता के दरबार सजाए गए हैं जहां नवरात्र भर पूजा अर्चन कार्यक्रम चल रहे हैं। विभिन्न स्थानों पर कलश स्थापना करके पांडाल सजाये गए हैं। सुबह से ही देवी मंदिरों पर भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया। यह क्रम पूरे दिन जारी रहा। श्रद्धालुओं में महिलाओं व युवाआें की संख्या अधिक रही। देवी रोड दुर्गा मंदिर, शीतलाष्टमी मंदिर, वनखंडेश्वर, बाग वृंदावन आदि मंदिरों में श्रृद्धालुओं की खासी भीड़ रही। दुकानों आदि स्थलों पर लांगुरिया देवी गीतों की केसिटों के बजने से वातावरण भक्तिमय हो गया है।