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Mainpuri News: वन विभाग के टेंडर प्रक्रिया में की गड़बड़ी...लापरवाही पर डीएफओ को हटाया, बाबू को किया निलंबित

Sun, 25 Jan 2026 02:37 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

मैनपुरी में वन विभाग के कार्यों में अनियमितता सामने आई है। जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद वन विभाग के अधिकारियों पर गाज गिरी है। डीएफओ को हटा दिया गया है, जबकि बाबू को निलंबित किया गया है।
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बाबू अमित और डीएफओ संजय मल्ल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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वन विभाग में वर्ष 2024-25 के दौरान सामाजिक वानिकी योजनाओं के तहत कराए गए कार्यों में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं और प्रक्रियात्मक खामियां शासन की जांच में सही पाई गईं। अमर उजाला में खबरें प्रकाशित होने के बाद मुख्य वन संरक्षक, बुंदेलखंड जोन (झांसी) से मामले की जांच कराई गई और गड़बड़ी सिद्ध होने के बाद शासन ने डीएफओ संजय कुमार मल्ल को मैनपुरी से हटाकर लखनऊ संबद्ध कर दिया है जबकि बाबू अमित कुमार को निलंबित कर दिया गया है।

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अमर उजाला ने 23 मई 2025 को इस मामले को उजागर किया था, जिसके बाद निरंतर खबरें प्रकाशित की गईं। इन खबरों के आधार पर वन मंत्री अरुण सक्सेना के आदेश पर जांच शुरू हुई। मुख्य वन संरक्षक, बुंदेलखंड जोन (झांसी) एचवी गिरीश ने जांच की, जिसमें सामने आया कि सामाजिक वानिकी (सामान्य) योजना का बजट 17 जनवरी 2025 को प्राप्त हुआ था, जिसके सापेक्ष ऑनलाइन जैम पोर्टल पर निविदाएं आमंत्रित की गई थीं। हालांकि, एससीएसपी योजना का बजट 16 जनवरी 2025 को ही प्राप्त हो गया था लेकिन इसके लिए जानबूझकर ऑफलाइन टेंडर आमंत्रित किए गए। 

डीएफओ ने जांच के दौरान तर्क दिया कि जैम पोर्टल तकनीकी खराबी के कारण काम नहीं कर रहा था, जिसे जांच में अमान्य पाया गया। जांच अधिकारी के अनुसार, लगभग एक माह तक पोर्टल का खराब रहना संभव नहीं है। मुख्य वन संरक्षक ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि पर्याप्त समय होने के बावजूद जैम पोर्टल का उपयोग न करना और अपुष्ट नोटशीट तैयार करना विभागीय शिथिलता का प्रतीक है। इस रिपोर्ट के आधार पर वन विभाग की संयुक्त सचिव नीरजा सक्सेना ने डीएफओ संजय मल्ल को मैनपुरी के पद से हटाकर मुख्यालय, लखनऊ संबद्ध करने का आदेश शुक्रवार देर शाम जारी किया।जांच रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला खुलासा नोटशीट को लेकर हुआ है। 
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स्टोर कीपर और लेखा शाखा के बाबू अमित कुमार की ओर से ऑफलाइन निविदा के लिए प्रस्तुत की गई नोटशीट पर न तो कोई तिथि अंकित की गई और न ही उस पर किसी सक्षम अधिकारी का अनुमोदन या आदेश प्राप्त था। जांच में इसके कूटरचित दस्तावेज होने की प्रबल संभावना जताई गई जो विभागीय लापरवाही और गलत मंशा को दर्शाता है। एससीएसपी योजना के तहत 20 हेक्टेयर कार्य में लाभान्वित अनुसूचित जाति के व्यक्तियों की वास्तविक सूची अब तक प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय से प्राप्त नहीं हो सकी है। वन संरक्षक, आगरा मंडल डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि डीएफओ को मैनपुरी से हटाकर लखनऊ संबद्ध किया गया है और बाबू अमित कुमार को निलंबित कर दिया गया है। शिवम मिश्रा को मैनपुरी का नया डीएफओ शासन ने नियुक्त किया है।

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