घने कोहरे और शीतलहर से ठिठुरे लोग
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साल के अंत में सर्दी ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। घने कोहरे के साथ चल रही शीतलहर सितम ढा रही है। हाल यह है कि लोग राहत पाने के लिए अलाव आदि जला रहे हैं।
साल के अंतिम दिन भी सर्दी का कहर जारी रहा। पिछले तीन दिनों से कोहरा और बादल छाए रहने से मौसम में ठंडक बनी हुई है। शनिवार सुबह घना कोहरा छाया होने के कारण सड़कों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। दृश्यता में कमी आने से चालक वाहनों की लाइट की रोशनी के सहारे सड़कों पर चलते दिखे। हालांकि दोपहर के समय कुछ घंटों के लिए कोहरे की चादर हटने पर धूप निकली तो लोगों को राहत मिली।
शीतलहर के कारण धूप में भी गलन रही। दिन भर सर्द हवाओं के चलने से लोगों को ठिठुरन का सामना करना पड़ा। सर्द हवाओं की वजह से लोग घरों में कैद रहे। घरों के बाहर निकलने से पहले लोगों ने ऊनी कपड़ों का सहारा लिया। सर्दी से राहत पाने के लिए दिन भर लोग अलाव की आंच से शरीर को गरमाहट देने का प्रयास करते रहे। हालांकि पालिका प्रशासन एवं तहसील प्रशासन द्वारा शहर में अलाव जलवाए जा रहे हैं लेकिन ये अलाव नाकाफी साबित हो रहे हैं। लकड़ियों की मात्रा कम होने से अलाव की आंच आधी रात तक भी लोगों को गरमाहट नहीं दे पा रही है। चिन्हित प्वाइंटों पर लकड़ियों की मात्रा कम डाले जाने से लोगों को सर्दी से बचाव के लिए दूसरे इंतजाम करने पड़ रहे हैं।