मैनपुरी। जिला पंचायत सदस्य की हत्या के बाद कुरावली कसबा में जमकर उपद्रव हुआ। मृतक के समर्थकों ने आरोपी के घर के अलावा आधा दर्जन से अधिक दुकानों में आग लगा दी। यही नहीं मौके पर दमकल को भी फूंक दिया। वहीं दर्जनों वाहनों में तोड़फोड़ की। पुलिस फोर्स पर भी जमकर पथराव और फायरिंग की गई। जवाब में पुलिस और पीएसी के फायरिंग और लाठीचार्ज करने पर हालात काबू में आए। इस दौरान लगभग चार घंटे तक जीटी रोड पर उपद्रवियों का कब्जा रहा। वहीं कसबा में लोग दहशत में रहे।
विकासखंड कुरावली के वार्ड संख्या 13 से रविंद्र शाक्य उर्फ भोले जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीते थे। बताया जाता है कि शनिवार सुबह उनका घर के सामने रहने वाले पूर्व जिला पंचायत सदस्य सेवाकुमारी के पति डाक्टर गंगा प्रसाद शाक्य से विवाद हो गया था। तब लोगों ने बीच बचाव कर मामला शांत करा दिया था। बताते हैं कि शाम लगभग साढ़े चार बजे गंगा प्रसाद शाक्य के पुत्र सविकांत को पूरा मामला पता चला। इस पर वह हथियार लेकर भोले को तलाशने लगा। तभी उसे भोले घर के सामने सब्जी खरीदता दिख गए। उसने भोले को निशाना बनाते हुए फायरिंग शुरू कर दी। दो गोली भोले के लगीं। इससे वह वहीं गिर पड़ा। इसके बाद सविकांत मौके से भाग गया। जैसे ही घटना की जानकारी भोले के समर्थकों को हुई वे आक्रोशित हो गए। कुछ लोग भोले को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। वहां से चिकित्सकों ने उसे आगरा रैफर कर दिया। देर शाम आगरा ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो र्गई।
वहीं कसबा में गुस्साए समर्थकों ने सविकांत के घर पर धावा बोल दिया। इसके बाद घर में तोड़फोड़ और आगजनी शुरू कर दी। मामले की जानकारी मिलते ही सीओ कुरावली बीपी सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसी प्रकार सविकांत के परिवारीजनों को भीड़ से बचाया। इसके बाद भी पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इसका परिणाम यह हुआ कि उपद्रवियों के हौसले बुलंद होते गए। कुछ ही देर में जीटी रोड पर लगभग एक किलोमीटर के दायरे में उपद्रवियों ने दुकानों, ठेलों आदि में आग लगाना शुरू कर दिया। इसकी सूचना पर पहुंची दमकल को भी उपद्रवियों ने आग लगा दी। साथ ही मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर पथराव और फायरिंग तक उपद्रवियों ने की। इसके बाद पुलिस की हिम्मत उपद्रवियों को रोकने की नहीं हुई।
मामले की जानकारी मिलते ही जिलेभर का फोर्स और पीएसी को घटना स्थल की ओर रवाना किया। शाम सात बजे मौके पर पीएसी और फोर्स पहुंच सकी। इसके बाद भी जब उपद्रवी फायरिंग, पथराव और आगजनी करते रहे तो पुलिस को भी फायरिंग और लाठीचार्ज करना पड़ा। फोर्स के पहुंचने के लगभग एक घंटे बाद हालात पुलिस के काबू म्रें आ सके। देर रात खबर लिखे जाने तक जिले के सभी बड़े अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच चुके थे। वहीं कसबा में अधिकारियों के निर्देश पर फोर्स तलाशी अभियान चला रही थी। रात को पुलिस ने हत्यारोपी के पिता और भाई को गिरफ्तार कर लिया है। पथराव में आधा दर्जन पुलिस कर्मी भी घायल हुए हैं।