चार वर्ष पूर्व युवक की चाकू से गोदकर की गई हत्या के मामले में दो लोगों को जिला जज ने उम्रकैद सुनाई है। दोनों को अर्थदंड के रूप में 25-25 हजार रुपये भी देने होंगे। हत्या करने के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को गांव से बाहर फेंक दिया गया था।
थाना बेवर के गांव जिनौरा निवासी अनार सिंह उर्फ चिकनिया की 11 जनवरी 2012 की शाम पांच बजे घर से ले जाकर गांव के स्वदेश कुमार उर्फ चालू, राजेश उर्फ राकेश ने चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। सबूत मिटाने के लिए शव को गांव के बाहर ले जाकर फेंक दिया। 12 जनवरी की सुबह गांव के बाहर रामबरन के खेत में उसका शव पाया गया।
अनार सिंह के भाई अखंड प्रताप ने हत्या कर शव गायब कर देने की रिपोर्ट थाना बेवर में स्वदेश तथा राजेश के खिलाफ दर्ज करा दी। पुलिस ने स्वदेश की निशानदेही पर हत्या में प्रयोग किया गया चाकू तथा घटना के समय पहने हुए खुद के कपड़े बरामद करा दिए। विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जांच के दौरान चाकू तथा कपड़ों पर स्वदेश का खून पाया गया। पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मामले की सुनवाई जिला जज उमेश कुमार शर्मा की कोर्ट में की गई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुभाष चंद्र यादव ने की। गवाही के आधार पर स्वदेश तथा राजेश को दोषी पाया गया।
जेल में रहकर ही लड़ा मुकदमा
मैनपुरी। हत्यारोपी स्वदेश को पुलिस ने जेल भेजा था। उसकी जमानत किसी भी कोर्ट से मंजूर नहीं हुई। हाईकोर्ट ने स्वदेश की याचिका पर मुकदमे का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। स्वदेश को पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। राजेश की जमानत हाईकोर्ट से मंजूर हो गई थी। स्वदेश सहित उसको भी हत्या का दोषी पाया गया है।
चारित्रिक मामले में हुई थी हत्या
मैनपुरी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान गवाही में पता चला कि अनार सिंह अविवाहित था। उसके एक हत्यारोपी की पत्नी से संबंध थे। जानकारी होेने पर महिला के पति ने अपने साथी की मदद से उसकी घर से ले जाकर चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने भी इस संबंध में सबूत जुटाए थे।