वर्चस्व की लड़ाई में प्रधान ने की युवक की हत्या
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कोतवाली क्षेत्र में करीब डेढ़ माह पूर्व सीआरपीएफ जवान की हत्या और डकैती की वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों को कन्नौज पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। जबकि तीन बदमाश भाग गए। कोतवाली पुलिस की पूछताछ में कलीम गैंग के बदमाशों ने घटना को कबूल किया है। कोतवाली पुलिस अब बदमाशों को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।
कोतवाली क्षेत्र के देवी रोड स्थित न्यू कालोनी में 30 जून की रात सीआरपीएफ जवान धीरेंद्र यादव की बावरिया गैंग के बदमाशों ने लाठी-डंडा और सरिया से पीटकर हत्या करने के बाद डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। उक्त घटना में धीरेंद्र की पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई थी। शुक्रवार को कन्नौज पुलिस और एसओजी टीम ने मुठभेड़ के दौरान कुख्यात बावरिया पप्पू उर्फ कलीम गैंग के पांच बदमाश इनमें गैंग लीडर पप्पू उर्फ कलीम निवासी सिढ़पुरा कासगंज, आमिर उर्फ जामिर निवासी सुभाष नगर कासगंज, सलमान उर्फ जावेद निवासी गांव सिरौली बरेली, नाजिम उर्फ नाजिद निवासी सिरोली बरेली और राशिद उर्फ फारुख निवासी विलाई खेड़ा जिला पीलीभीत को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान फरमान, मोवीन निवासी पतौजा फर्रुखाबाद और जीशन निवासी विलई खेड़ा पीलीभीत भाग गए। पुलिस पूछताछ में बदमाशों ने सीआरपीएफ जवान के यहां की गई वारदात के बारे में जानकारी दी। कन्नौज पुलिस की सूचना पर थानाध्यक्ष ने बदमाशों से पूछताछ की तो बदमाशों ने धीरेंद्र की हत्या करने की बात कबूल की। बताया कि वारदात के दिन हत्या के बाद घर में डकैती भी डाली। कोतवाली पुलिस अब बदमाशों को रिमांड पर लेकर माल की बरामदगी के प्रयास करेगी।
धीरेंद्र की हत्या बावरिया गिरोह के बदमाशों ने की थी। जल्द ही उन्हें रिमांड पर लेकर जवान के घर से लूटे गए माल की बरामदगी की जाएगी।
शशिकांत सिंह, थानाध्यक्ष कोतवाली