बेवर। मिश्रा मार्केट में दहेज उत्पीड़न के आरोपी को गिरफ्तार करने गई फीरोजाबाद पुलिस टीम को गुस्साए दुकानदारों ने दौड़ा दिया। यही नहीं आरोपी को जबरन छुड़ा लिया। लोगों के तेवर देख पुलिस टीम लौट गई। वहीं आरोपी का कहना है कि गिरफ्तारी पर उसने हाईकोर्ट से 30 दिन का स्टे ले रखा है। उसके बाद भी पुलिस उसे गिरफ्तार करने आई थी। घटनाक्रम के बाद दुकानदारों ने बाजार बंद कर बेवर थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई।
बेवर निवासी मोहम्मद रोज अली ने बड़े पुत्र अब्दुल की शादी जिला फीरोजाबाद के मोहल्ला कोहिनूर रोड, नूरनगर थाना रामगढ़ निवासी हसमुद्दीन की पुत्री से डेढ़ वर्ष पूर्व की थी। शादी के बाद ही अनबन होने के कारण विवाहिता शादी के डेढ़ माह बाद ही मायके फीरोजाबाद चली गई। मायके पक्ष ने फीरोजाबाद में पुत्री की तेजाब डालकर हत्या का प्रयास करने और दहेज उत्पीड़न का ससुरालियों के खिलाफ एक मुकदमा पंजीकृत करा दिया। इसमें अब्दुल के अलावा पूरे परिवार को आरोपी बनाया गया। मोहम्मद रोज अली ने बताया कि मामला पूरी तरह से झूठा है और इसमें न्यायालय से स्टे 25 नवंबर को लिया गया। यह स्टे 30 दिन का है। इसके बाद भी मंगलवार सुबह फीरोजाबाद के थाना रामगढ़ के उपनिरीक्षक टीम के साथ हसमुद्दीन कस्बा बेवर के मिश्रा मार्केट में पहुंचे और वहां दुकान पर बैठे अब्दुल के भाई मुसीम को साथ ले जाने लगे। इसकी जानकारी दुकानदारों को हुई तो उन्होंने पुलिस से मुसीम को जबरन छुड़ा लिया। इस दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों में हाथापाई भी हुई। वहीं लोगों का आक्रोश देख फीरोजाबाद पुलिस के लोग मौके से भाग गए। इसके बाद दुकानदारों ने विरोध में दुकानें बंद कर दीं तथा पूरे घटनाक्रम की जानकारी थाने में दी। अब्दुल के परिवारीजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा नियत समय से पहले किसी प्रकार का गिरफ्तारी आदेश न होने के बाद भी उसे परेशान किया गया।