ट्रैक्टर की मरम्मत कराने जाने के दौरान लापता हुए वृद्ध को बोलेरो सवार उठा ले गए थे। दिनभर उसे मथुरा के किसी कस्बे में बंधक बनाकर रखा था। मिन्नतें करने के बाद अपहर्ताओं ने जेब में रखे एक हजार रुपये लेकर उसे छोड़ दिया। वहीं वृद्ध के अचानक लापता होने पर बेटे ने थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी थी।
कस्बा बेवर के मोहल्ला काजीटोला पश्चिमी टावर वाली गली निवासी रामदेव शाक्य 26 अगस्त को ट्रैक्टर की मरम्मत कराने जीटी रोड स्थित एक आटो पार्ट्स की दुकान पर गए थे। दुकान के निकट खड़े एक टेंपो में वे सो गए थे। सुबह तीन बजे उनका पुत्र अनिल वहां पहुंचा। तब वे घर आने के लिए निकले। वह जैसे ही बस स्टैंड से आगे बढ़े, तभी बोलेरो से आए युवकों ने उसे जबरन खींचकर गाड़ी में बैठाया और नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश करके उठा ले गए। दोपहर उन्हें होश आया, तो खुद को किसी कमरे में बंद पाया। साँस के मरीज होने के कारण उन्हें जोर-जोर से खांसी आने लगी। खांसी आने पर दरवाजा खोलकर आए अपरिचित युवकों ने उन्हें खांसने से मना किया। नाम, पता पूछने के बाद रामदेव ने उनसे छोड़ने की मिन्नत की। इस पर जेब में पड़े एक हजार रुपये लेकर युवकों ने उन्हें वहां से भगा दिया। वहां बाहर निकलने पर एक व्यक्ति से मैनपुरी आने के लिए वाहन की बाबत पूछा, तो उसने समीप रेलवे स्टेशन होने की बात बताई। स्टेशन पहुंचकर वे फर्रुखाबाद वाली ट्रेन में बैठकर शनिवार को सुबह करीब 10 बजे घर आ गए। इधर, सुबह उनके घर नहीं पहुंचने परिवारीजन परेशान हो उठे। दिनभर खोजबीन के बाद शाम को बेटे ने गुमशुदगी की तहरीर थाने में दे दी थी। पिता के घर लौट आने पर उन्होंने इसकी भी जानकारी पुलिस को दे दी है।