किशनी(मैनपुरी)। ग्राम हरी सिंहपुर के ग्र्रामीणों और बदमाशों के बीच रविवार की देर शाम जमकर फायरिंग हुई। गांव के बाहर जंगल में बदमाश थे और किसी के साथ मारपीट कर रहे थे। बदमाशों की खबर पर समीप के गांव नगला घासी के ग्रामीणों ने भी फायरिंग की। मौके पर पुलिस तो पहुंची लेकिन पूछताछ करने के बाद लौट आई। पुलिस ने जंगल में घुसकर बदमाशों को पकड़ने की कोशिश भी नहीं की। पुलिस की कार्यप्रणाली से ग्रामीणों में आक्रोश है।
रविवार की देर शाम ग्राम हरी सिंहपुर निवासी रामू और श्यामू पुत्र रामचंद्र गांव के बाहर खेतों की ओर शौच के लिए गए थे। खेतों के समीप ही जंगल है। रामू और श्यामू को जंगल से कुछ लोगाें की आवाजें सुनाई पड़ीं। गौर से सुना तो कुछ लोग किसी की पिटाई कर रहे थे और कह रहे थे कि इसे मार डालो नहीं तो यह हम लोगों के लिए मुसीबत बन जाएगा। रामू-श्यामू दौड़ते हुए गांव पहुंचे और मामले की जानकारी ग्रामीणों को दी। ग्रामीण अपने लाइसेंसी शस्त्र और लाठी-डंडे लेकर जंगल की ओर गए तो उधर से बदमाशों ने ग्रामीणों के ऊपर फायरिंग शुरू कर दी। दोनों तरफ से करीब सौ फायर हुए।
हरी सिंहपुर के ग्रामीणों द्वारा बदमाशों पर फायरिंग करने की जानकारी मिलने पर नगला घासी के ग्रामीणों ने भी जंगल की ओर फायरिंग शुरू कर दी। ग्रामीणों द्वारा की जा रही ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद जंगल की ओर से फायरिंग बंद हो गई। सूचना थाना पुलिस को भी दी गई। मौके पर पहुंची थाना पुलिस जंगल में जाने के स्थान पर रामू और श्यामू से पूछताछ करने लगी। ग्रामीणों से पूछताछ करने के बाद पुलिस वापस लौट आई। पुलिस ने जंगल में घुसकर बदमाशों को पकड़ने की जहमत नहीं उठाई। इससे ग्रामीणों में खासा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण बदमाशों से मुकाबला करने को तैयार थे यदि पुलिस जंगल में जाती तो ग्रामीण भी सहयोग करते लेकिन पुलिस तो खानापूरी कर वापस लौट गई। थानाध्यक्ष का कहना था कि जंगल से उन्हें किसी प्रकार की आवाज या कोई हरकत नहीं सुनाई पड़ी। रात में जंगल में किसी को तलाशना भी मुश्किल कार्य होता।