तीन साल पहले प्रधान संघ के अध्यक्ष की मनरेगा योजना में सड़क डलवाने के दौरान की गई हत्या में पिता-पुत्र सहित चार को अपर जिला जज कोर्ट संख्या प्रथम ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक आरोपी को 75-75 हजार रुपया जुर्माना भी अदा करना होगा। जुर्माने की धनराशि में से 2.50 लाख रुपया मृतक के परिवारीजनों को दिए जाएंगे।
थाना औंछा के ग्राम दत्तपुर निवासी हरिश्चंद्र यादव ग्राम प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष थे। 19 अगस्त 2013 की सुबह 6:30 बजे वह अपने पुत्र रवि तथा भाई श्रीचंद्र के साथ गांव के बाहर दत्तपुर से ईकरी को जोड़ने वाली सड़क पर मजदूरों से काम करा रहे थे। तभी ईकरी निवासी कन्हैया, उसके पिता सुनील, समीर उर्फ गुटइयां, संदीप, बालकिशन ने उनकी फावड़ा से काटकर हत्या कर दी। रवि द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के बाद पुलिस ने विवेचना के दौरान पांचों को दोषी पाकर चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
शासन के निर्देश पर जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता सुभाष चंद्र यादव ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की। मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला जज कोर्ट संख्या प्रथम गुरुप्रीत सिंह बाबा ने गवाही के आधार पर कन्हैया, सुनील, समीर उर्फ गुटइयां, संदीप को दोषी पाकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
साक्ष्य के अभाव में बरी
मैनपुरी। प्रधान हरिश्चंद्र यादव की हत्या के आरोपी ईकरी निवासी बालकिशन को भी पुलिस ने जांच में हत्या का दोषी पाकर जेल भेजा था। उसकी भी जमानत किसी भी कोर्ट से मंजूर नहीं हुई। सुनवाई के दौरान साक्ष्य के अभाव में बालकिशन को दोषमुक्त घोषित किया गया है।
कई अदालतें भी बदली गईं
मैनपुरी। प्रधान की हत्या के आरोपियों ने जमानत पाने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट ने जमानत खारिज कर दी मगर मुकदमे को शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए। इस बीच मुकदमे की सुनवाई के लिए मृतक प्रधान के पुत्र के प्रार्थनापत्र पर तीन अदालतें बदली गईं। अंतिम सुनवाई अपर जिला जज कोर्ट संख्या प्रथम गुरुप्रीत सिंह बाबा की अदालत में हुई।