खैरीगढ़ अपहरण मामले में दो और आरोपी पुलिस गिरफ्त में।
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व्यापार करने के लिए जब मां ने रुपये नहीं दिए तो युवक ने चाचा के साथ मिलकर अपहरण का झूठा ड्रामा रच डाला। इसके बाद पिता और मां को फोन कर फिरौती मांगने लगा। शुक्रवार देर रात जब पीड़िता ने पुत्र के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई तो शहर कोतवाल ने सर्विलांस की मदद से 24 घंटे से पहले ही अपहृत और अपहरण करने वाले चाचा को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। पूछताछ में जो कहानी सामने आई उसके मुताबिक युवक ने ही अपने चाचा के साथ मिलकर सारा खेल रचा था। वो मां से फिरौती के नाम पर रुपये लेकर व्यापार करना चाहता था।
फीरोजाबाद के थाना सिरसागंज के गांव नगला कुशल की रहने वाली निर्मला देवी पति की मौत के बाद करीब 25 वर्षों से मायके कोतवाली क्षेत्र के ब्योंति खुर्द में पुत्रों के साथ रह रही है। आठ जुलाई को बेटा कल्लू उर्फ देशदीपक घर से चाचा पुष्पेंद्र निवासी फरीदाबाद के पास जाने की कहकर चला गया। 21 जुलाई को निर्मला के पास फोन आया, जिसमें कल्लू का अपहरण करने की बात कही गई, उससे पुत्र की सलामती के लिए पांच लाख रुपये फिरौती की मांग की गई। धमकी दी गई की अगर पुलिस को जानकारी दी तो पुत्र की हत्या कर दी जाएगी। दो अगस्त को एक बार फिर अपहरणकर्ता ने फोन कर जल्द से जल्द फिरौती की रकम का इंतजाम करने की धमकी दी। कल्लू से बात कराई तो उसने मां से रो-रोकर मांग को पूरा करने की बात कही। पुत्र को रोता देखकर किसी तरह महिला ने फिरौती की रकम जुटाना शुरू कर दिया। इसी बीच चाचा पुष्पेंद्र भी रकम जुटाने मेें सहयोग करने लगा। शुक्रवार शाम को पीड़िता ने शहर कोतवाल को सारी कहानी बताई। पुलिस ने अपहरण की धाराओं में मामला दर्ज कर जिस नंबरों से फोन आया उन्हें सर्विलांस पर लगा दिया। देर रात चली कवायद के बाद आखिरकार पुलिस ने अपहरणकर्ताओं की लोकेशन ट्रेस कर ली। कार्रवाई कर अपहृत कल्लू को चाचा पुष्पेंद्र के साथ थाने ले आई। वहां पूछताछ के बाद अपहरण की कहानी झूठी निकली। कल्लू ने बताया कि उसे व्यापार करने के लिए रुपयों की जरूरत थी, लेकिन मां उसे रुपये नहीं देना चाहती थी। इसीलिए उसने चाचा की मदद से अपहरण का झूठा ड्रामा रच डाला। पुष्पेंद्र ने भी इस कहानी में अपनी भूमिका को स्वीकार किया है।
शहर कोतवाल का कहना है कि महिला की ओर से बताई गई अपहरण की कहानी गले नहीं उतर रही थी। बताए गए नंबरों को ट्रेस किया गया तो पता चला की अपहृत भतीजे और चाचा के बीच कनेक्शन लगातार हो रहा है। दोनों को पकड़ने के बाद जब पूछताछ की गई तो अपहरण की झूठी कहानी खुल गई।