नगर के गैस गोदाम रोड निवासी दो सिपाहियों के घर में बीती रात हुई लाखों की डकैती के मामले में पुलिस तीन दिन बाद भी किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। शनिवार को एसपी देवरंजन वर्मा और एएसपी दिगंबर कुशवाह ने निरीक्षण किया।
दो सिपाहियों धर्मवीर सिंह यादव और उनके साले अनिल यादव के घर पर गुरुवार की रात कुछ लोगों ने डकैती डाली थी। आरोपी लगभग 14 लाख रुपये की नकदी और अन्य सामान ले गए थे। दोनों सिपाही मथुरा के हाईवे थाने में तैनात हैं। आरोप है कि आठ सितंबर की रात दोनों की पत्नियां हेमा और उसकी भाभी रेनू घर पर थीं। तभी 7-8 असलाहधारी बदमाश पड़ोसी के घर से होकर उनके घर में घुस आए। हेमा देवी ने बताया कि बदमाशोें ने घर में घुसते ही उसे और रेनू को बदमाशों ने राइफल की बट मारकर घायल कर दिया। इसके बाद एक बदमाश ने हेमा के चार वर्षीय बेटे की कनपटी पर राइफल लगा दी और अलमारी की चाबियां छीन लीं। अलमारी और बक्सा तोड़कर 310 ग्राम सोने और डेढ़ किलोग्राम चांदी के जेवर साढ़े चार लाख की नकदी ले गए। हेमा देवी ने रिपोर्ट में बदमाशों में शामिल पड़ोसी राघवेंद्र के लड़के गुड्डू व उसके भाई राजदीप को पहचान लेने की बात कही है।
इस मामले में एसपी देवरंजन वर्मा का कहना है कि जांच में मामला संदिग्ध नजर आ रहा हैं। विवेचना चल रही है वहीं नामजद गुड्डू का कहना है कि उसके घर में सीढ़ी ही नहीं है। तो बदमाश कैसे आएंगे। भाई राजदीप वारदात वाले दिन हरदोई में भूसा खरीदने गया था। गुड्डू ने यह भी बताया कि धर्मवीर का परिवार तीन माह पूर्व तक उसके घर से ही दूध खरीदता था। लड़ाई होने के बाद दूध लेना बंद कर दिया।