भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने कालिंदी एक्सप्रेस को बंद न किए जाने की मांग की है। पार्टी नेताओं ने कहा कि कालिंदी की एक मात्र ऐसी ट्रेन है जिससे जिले के व्यापारी एवं आम जनता को दिल्ली तथा कानपुर पहुंचने के लिए सुविधा है।
धन और समय की बचत होती है। यदि कालिंदी बंद की गई तो पार्टी आंदोलन करने को विवश होगी। इस संबंध में पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर रेल मंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
बुधवार को भाकपा कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। पार्टी के जिला सचिव डाक्टर रामधन ने कहा कि इस रेल लाइन पर कानपुर से भिवानी तथा भिवानी से दिल्ली होते हुए कानपुर तक ट्रेन का संचालन किया जा रहा है।
कालिंदी एक्सप्रेस को कोहरे का बहाना बनाकर 31 दिसंबर से बंद किया जा रहा है। जबकि विगत वर्ष यह ट्रेन रद्द नहीं की गई थी। मैनपुरी, फर्रुखाबाद, कन्नौज होकर दिल्ली तथा कानपुर आने जाने के लिए यह एक मात्र ट्रेन है।
ताले सिंह यादव ने कहा कि रेल किराया कम होने के कारण आम जनता एवं रोगी, व्यापारी आदि बड़ी संख्या में इसी ट्रेन से दिल्ली तथा कानपुर आते जाते हैं। इससे धन एवं समय की बचत होती है।
ट्रेन बंद होने से लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। रोहिताश्व कुमार भारद्वाज ने मांग की कि कालिंदी एक्सप्रेस को बंद न कर मैनपुरी होकर ट्रेन लखनऊ, इलाहाबाद तथा आगरा के लिए एक-एक ट्रेन का संचालन कराया जाए ताकि इस क्षेत्र के लोगों को लाभ मिल सके। यदि कालिंदी एक्सप्रेस बंद की गई तो पार्टी कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन करेंगे।
इस संबंध में धरना प्रदर्शन के बाद रेल मंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया। ज्ञापन देने वालों में वीरेंद्र सिंह चौहान, जितेंद्र सिंह, रामौतार दिवाकर, राधेश्याम यादव, खालिद मोहम्मद आदि शामिल थे।