फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: भतीजी से दुष्कर्म, भतीजे की हत्या कर गटर में बहा दिया; दोषी चाचा को तिहरे आजीवन कारावास की सजा

Sat, 30 Mar 2024 07:16 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

अपर जिला जज एवं विशेष जज पॉक्सो एक्ट द्वितीय अवधेश पांडेय ने दोषी चाचा को सजा सुनाई। दो लाख का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। 
विज्ञापन
कोर्ट ने सुनाया फैसला। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में अपर जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट द्वितीय अवधेश पांडेय ने भतीजे की गला काटकर हत्या व भतीजी से दुष्कर्म के दोषी चाचा को तिहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दो लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अर्थदंड की 90 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को दिए जाने के आदेश दिए हैं।

विज्ञापन


घटनाक्रम दिसंबर 2020 का थाना जसराना के एक गांव का है। वादिया अपने पति के साथ घुटने में दर्द की दवा लेने के लिए कस्बा टूंडला गई थी। रास्ते में बाइक खराब हो जाने के कारण वह दोनों अपने देबर के घर टूंडला में रुकने को मजबूर हो गए थे। घर पर वादिया की बेटी (15) एवं दो बेटे थे। 

माता-पिता टूंडला से अपने घर पहुंचे तो बच्चों को नहीं देखकर उसके होश उड़ गए। दंपती ने बच्चों की तलाश शुरू की। थाना जसराना पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने भी खोजबीन शुरू की। थाना पुलिस एवं एसओजी टीम ने टूंडला के रेलवे स्टेशन से वादिया की बेटी एवं एक बेटा को बरामद कर लिया। जबकि एक बेटा नहीं मिला था।
विज्ञापन


पुलिस ने महिला के देवर से सख्ती से पूछताछ की तो उसने एक बेटे की गला रेतकर हत्या किया जाना तथा शव को गटर में फेंकना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने मुकदमा दर्जकर मामले की विवेचना प्रारंभ की। दोषी देवर अमर सिंह शर्मा के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। 

मामला सुनवाई को अपर जिला जज एवं विशेष जज पॉक्सो एक्ट द्वितीय अवधेश पांडेय के न्यायालय में पहुंचा। शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक अजमोद सिंह चौहान ने करते हुए दोषी को सख्त सजा दिलाने के लिए हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के कई उदाहरण न्यायालय के समक्ष रखे।

न्यायाधीश ने अमर सिंह शर्मा को दोषी मानते हुए दुष्कर्म, अपहरण एवं हत्या के मामले में आजीवन कारावास (तिहरा आजीवन कारावास) की सजा सुनाई है। दो लाख का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें