पप्पू के भाई मुन्नालाल ने अजय के खिलाफ थाना कुर्रा में रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने अजय को जेल भेज दिया। जांच करने के बाद चार्जशीट न्यायालय में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई जिला जज सुधीर कुमार के न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने अजय के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी।
गवाही के आधार पर अजय को चचेरे भाई पप्पू की हत्या करने का दोषी पाकर जिला जज सुधीर कुमार ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 16 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाने के बाद जिला जज ने उसको हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है।
बांका रखने पर एक हजार जुर्माना
पुलिस ने अजय के कब्जे से हत्या में प्रयोग किया गया बांका भी बरामद किया था। अजय के खिलाफ इसका मुकदमा अलग से चला। जिला जज ने ही इस मुकदमे की भी सुनवाई की। बांका से ही हत्या करने का आरोप साबित होने पर जिला जज ने अजय को बका बरामद होने पर जेल में बिताई गई अवधि की सजा सुनाई है। उस पर एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।