उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में युवक की हत्या करने वाले गांव के ही रनवीर सिंह को अपर जिला जज चतुर्थ जहेंद्र पाल सिंह ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाने के बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है। दोषी ने छह साल पहले खेत में युवक को गोली मार दी थी।
मामला दन्नाहार थाना क्षेत्र के केशोपुर गांव का है। गांव निवासी विमलेश कुमार की 10 जुलाई 2018 को दोपहर लगभग दो बजे खेत में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी को लेकर विमलेश की हत्या कर दी गई।
इसके बाद उसके भाई कमलेश कुमार ने गांव के ही रनवीर सिंह सहित उनके भाई जयदेव, रामनिवास के अलावा उनके परिवार के ही अनिल उर्फ पिंटू, अरुण कुमार सहित गांव के ही आशीष और अरविंद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच करने के बाद मुकदमे की सुनवाई करने के लिए चार्जशीट न्यायालय में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज चतुर्थ जहेंद्र पाल सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर केवल रनवीर सिंह को विमलेश की हत्या करने का दोषी पाया गया। अपर जिला जज चतुर्थ जहेंद्र पाल सिंह ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 20000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाने के बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
छह आरोपी किए गए बरी
विमलेश की हत्या करने के आरोप में पुलिस ने जयदेव, रामनिवास, अनिल उर्फ पिंटू, अरुण कुमार, आशीष और अरविंद के खिलाफ भी चार्जशीट न्यायालय में भेजी थी। गवाही के आधार पर इन लोगों के खिलाफ विमलेश की हत्या करने का आरोप साबित नहीं हो सका। हत्या का आरोप साबित नहीं होने पर अपर जिला जज चतुर्थ जहेंद्र पाल सिंह ने उनको विमलेश की हत्या करने के आरोप से बरी कर दिया है।
तमंचा रखने पर 3000 का जुर्माना लगाया
रनवीर की निशानदेही पर पुलिस ने विमलेश की हत्या करने में प्रयोग किया गया तमंचा भी बरामद किया था। इसका मुकदमा अलग से चला। तमंचा रखने का आरोप साबित होने पर अपर जिला जज चतुर्थ जहेंद्र पाल सिंह ने रनवीर को तीन साल की सजा सुनाकर उस पर 3000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।