उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में चार वर्ष पहले दंपती सहित पांच लोगों की जलाकर हत्या कर दी गई थी। मंगलवार को मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद दोष साबित होने पर जिला जज सुधीर कुमार ने दोषी को मृत्यु दंड की सजा सुनाई। उसने कमरे की कुंडी बाहर से बंद करके मिट्टी का तेल डालकर आग लगाई थी।
मामला थाना कोतवाली के गांव माधौनगर खरपरी का है। गांव के रहने वाले जगदीश का अपने गांव के ही मुरारी से विवाद चल रहा था। 18 जून 2020 की रात 12 बजे जगदीश का भाई रामबहादुर, रामबहादुर की पत्नी सरलादेवी, पुत्री संध्या उर्फ रोहिनी, शिखा और पौत्र रिषी मकान के एक कमरे में सो रहे थे।