पुलिस ने किशोरी को बरामद करके उसका मेडिकल कराने के बाद चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज ईसी एक्ट मीतासिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, किशोरी सहित गवाहों ने गवाही दी। गवाही के आधार पर सिपाहीलाल को दुष्कर्म करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी विश्वजीत राठौर और पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने दुष्कर्मी को कड़ी सजा देने की दलील दी। स्पेशल जज मीता सिंह ने दुष्कर्मी को 10 साल की सजा सुनाकर 17 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
महिला को छह साल की सजा सुनाई
किशोरी की गवाही पर हुई सजा
अदालत में किशोरी ने श्रीदेवी और सिपाहीलाल की पहचान की। उसने गवाही में बताया कि श्रीदेवी उसको शौच के बहाने घर से ले गई। गांव के बाहर ले जाकर सिपाहीलाल को सौंप दिया। सिपाहीलाल उसको डरा धमकाकर अपने साथ ले गया था। सिपाहीलाल ने ही उसके साथ दुष्कर्म किया था। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी थी।