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UP: मां और बहन की हत्या...युवक ने दी गवाही; आरोपी पिता कोर्ट में बोला- यह मेरा बेटा नहीं

Tue, 05 Aug 2025 09:52 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

सोबरन सिंह पर पत्नी ममता और बेटी सपना की हत्या का आरोप था। सोबरन ने कथित तौर पर शराब के लिए पैसे न मिलने पर हत्याकांड को अंजाम दिया था। साल 2017 में मैनपुरी की सेशन कोर्ट ने सोबरन को फांसी की सजा सुनाई थी।
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कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मैनपुरी में करहल के गांव रूपपुर में पत्नी और नाबालिग बेटी की हत्या के आरोप में फांसी की सजा पा चुके सोबरन सिंह के मुकदमे में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दोबारा शुरू हुए ट्रायल में सोबरन के ही बेटे ने पिता के खिलाफ गवाही दी है, जिस पर सोबरन ने कोर्ट में बयान दिया है कि गवाही देने वाला लड़का उसका बेटा ही नहीं है।
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बेटे की गवाही पर बचाव में सोबरन ने कोर्ट में कहा कि अंकुश कुमार नाम का कोई उसका बेटा नहीं है। सोबरन का दावा है कि अंकुश उसके गांव का भी निवासी नहीं है और उसने उसकी पत्नी के ममेरे भाई रजनेश के बहकावे में आकर यह झूठी गवाही दी है।

 
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अभियोजन की ओर से अंकुश को बतौर गवाह पेश करने वाले एमपी सिंह चौहान ने बताया कि सोबरन के इस बयान के बाद अब अभियोजन पक्ष इस केस में परिवार रजिस्टर की नकल और अन्य जरूरी सबूतों को कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रहा है, ताकि यह साबित किया जा सके कि अंकुश ही सोबरन का बेटा है। इस केस की सुनवाई अब प्रतिदिन हो रही है। 

पहले हुए ट्रायल में अंकुश कुमार को बतौर गवाह कोर्ट में पेश नहीं किया गया था। अब पुनः ट्रायल के दौरान नौ गवाह कोर्ट में पेश किए गए। इनमें अंकुश को नये गवाह के रूप में पेश किया गया था। पिछले दिनों हुई गवाही में अंकुश ने कोर्ट को बताया था कि उसी के पिता ने उसकी मां और बहन की हत्या की थी।

 
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ये हैं सोबरन पर आरोप
30 जून 2014 को सोबरन सिंह पर पत्नी ममता (35) और बेटी सपना (12) की हत्या का आरोप था। सोबरन ने कथित तौर पर शराब के लिए पैसे न मिलने पर हत्याकांड को अंजाम दिया था। साल 2017 में मैनपुरी की सेशन कोर्ट ने सोबरन को फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखा था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई, जहां कोर्ट ने पाया कि पहले हुए ट्रायल में कई गंभीर खामियां थीं। इन खामियों के चलते सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा रद्द करते हुए मैनपुरी की सेशन कोर्ट को इस मामले में नए सिरे से सुनवाई करने का आदेश दिया।
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