दंपती की माैत से परिवार में मचा कोहराम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अलीगढ़ में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले गांव बबीना निवासी विक्रम और पत्नी की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रोते बिलखते छोटे भाई ने बताया कि भाई विक्रम फौज की वर्दी पहनना चाहते थे, मगर पिता की मौत ने उनका सपना तोड़ दिया। परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए उन्हें सिक्योरिटी गार्ड की वर्दी पहननी पड़ी। परिजन व ग्रामीण दंपती का शव आने का इंतजार कर रहे थे।
थाना बिछवां क्षेत्र के गांव बबीना निवासी विक्रम यादव (40) मंगलवार सुबह पत्नी निशा व दो बच्चों के साथ त्योहार पर गांव आ रहे थे। अलीगढ़ में हुए सड़क हादसे में उनकी और पत्नी की जान चली गई, वहीं बेटा-बेटी की हालत गंभीर बनी हुई है। गांव बबीना में घटना के बाद घर में मातम छाया है।
छोटे भाई क्षेत्र पंचायत सदस्य विशाल उर्फ मोनू ने बताया कि वह दो भाई थे, पिता धर्म सिंह सेना में थे, बड़े भाई विक्रम का सपना भी फौजी बनने का था। वह तैयारी कर रहे थे। इस बीच करीब 20 साल पहले पिता की नदी में डूब कर मौत हो गई। इसके बाद घर की सारी जिम्मेदारी बड़े भाई विक्रम के कंधों पर आ गई। भाई ने परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए फौजी बनने के अपने सपने को दबा दिया।
घर चलाने के लिए प्राइवेट कंपनियों में नौकरी करना शुरू कर दिया। परिवार का भरण पोषण करने लगे, कुछ समय बाद ही मां शांति देवी की सड़क हादसे में मौत के बाद उनकी, पत्नी और बच्चों की भी जिम्मेदारी बढ़ गई। विक्रम प्राइवेट कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी के साथ ही एक प्राइवेट बैंक में भी नौकरी करने लगे।
हादसे में भाई और भाभी की मौत हो गई। दो बच्चों 13 वर्षीय सेजल और 10 वर्षीय बेटे धनराज का उपचार चल रहा है। 16 वर्षीय बड़ी बेटी सलोनी अपनी ननिहाल नगला माटिला फर्रुखाबाद में रह कर पढ़ाई कर रही है। हादसे में विक्रम और पत्नी की मौत व बच्चों के घायल होने की घटना से परिवार में मातम छाया है। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण घर पर सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
सांसों के साथ ही वादे भी टूट गए
अलीगढ़ में हुए सड़क हादसे में गांव बबीना के रहने वाले विक्रम यादव की सांसों के साथ ही वादे टूट गए। मृतक के छोटे भाई विशाल ने बताया कि बडे़ भाई उनसे बहुत प्रेम करते थे। घर की सारी जिम्मेदारी उन्हें दे रखी थी। छह माह पहले वह गांव आए थे। तब एक बाइक खरीद कर ले गए थे। दिवाली पर घर आते ही नई बाइक दिलवाने का वादा किया था।
बड़ी बेटी सलोनी ने भी फोन पर पिता से बात की थी, उनसे लैपटॉप दिलाने के लिए कहा था। विक्रम ने घर आकर प्यारी बिटिया की इस ख्वाहिश को पूरा करने की हामी भरी थी। मगर, सड़क हादसे में विक्रम की सांसों के साथ ही वादों को भी तोड़ दिया। छोटे भाई रो-रोकर कह रहा है कि उसे बाइक नहीं बड़ा भाई चाहिए।
ये भी पढ़ें-
भाभी नहीं शैतान: देवर का प्राइवेट पार्ट काटा और फिर...शादी से एक महीने पहले, इसलिए तबाह कर दी उसकी जिंदगी