शहर के बीच से गुजर रहा राजमार्ग 84 अधिकारियों और प्रशासन की उदासीनता के चलते दिन ब दिन संकुचित होता जा रहा है। आलम यह है कि सभी नियम और कानूनों को ताक पर रखकर मार्केट और कालोनियों तक का निर्माण हो चुका है। इसके चलते मार्ग का बड़ा हिस्सा फोरलेन नहीं हो पा रहा है।
राज्य मार्ग के प्रतिबंधत क्षेत्र में बडे़ पैमाने पर निर्माण कार्य वर्षों से हो रहा है। लेकिन न तो प्रशासन न ही विभाग इस ओर कोई ध्यान दे रहा है। रोड साइड लैंड कंट्रोल एक्ट की राज्य मार्ग पर खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं। विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते लोगों ने राज्य मार्ग की जमीन पर अवैध निर्माण कर लिए हैं। इस मार्ग पर लागू मास्टर प्लान 2022 भी बेअसर साबित हो रहा है। ऐसा नहीं है कि विभागीय अधिकारी इससे अंजान हैं मगर कार्रवाई न
होना के चलते अतिक्रमण करने वालों के हौसले बुलंद है।
राज्य मार्ग संख्या 84 शिकोहाबाद-मैनपुरी-भोगांव रोड पर मास्टर प्लान के साथ ही उत्तर प्रदेश रोड साइट लैंड कंट्रोल एक्ट 1945 भी लागू है। इस एक्ट के अंतर्गत राज्यमार्ग घोषित सड़क के मध्य से 180 फीट तक कोई निर्माण नहीं हो सकता है। यदि कोई निर्माण किया जाता है तो उससे पहले लोक निर्माण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है। इसके बाद भी दशकों से उक्त राज्य मार्ग पर विभागीय नियम और कानून को ताक पर रखकर कई भवनों और प्रतिष्ठान ही नहीं कालोनियों तक का निर्माण हो चुका है। अधिकारियों का कहना है कि राज्य मार्ग होने की वजह से शहरी और औद्योगिक क्षेत्र में मार्ग के मध्य से क्रमश: 60 फीट और 75 फीट तक किसी भी निर्माण की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
इसके बाद क्रिश्चियन तिराहा से लेकर, तांगा स्टैंड, बड़ा चौराहा से लेकर ज्योंति तिराहा तक का नजारा साफ बताया है कि वहां विभागीय नियम कानून लागू नहीं है। मार्ग के मध्य से निर्धारित क्षेत्र में कई बस्तियां भी बसा ली गई हैं। सिंधिया तिराहा से ईशन नदी पुल तक मास्टर प्लान भी लागू है।
पहले भी खामियाजा भुगत चुके हैं अतिक्रमणकारी
मैनपुरी। विभागीय नियम और कानून को ताक पर रखकर निर्माण कराने वाले पूर्व में भी खामियाजा उठा चुके हैं। मैनपुरी-कुरावली मार्ग पर फोरलेन निर्माण कार्य के चलते राधारमन रोड, स्टेशन रोड तक कई भवनों को ढहाया जा चुका है।
कीमती जमीन पर है अवैध कब्जे
मैनपुरी। राज्य मार्ग 84 पर विभागीय अनदेखी के चलते लोगों ने करोड़ों की जमीन पर कब्जा जमा रखा है। सिंधिया तिराहा से लेकर ईशन नदी पुल तक राज्य मार्ग पर कई स्थानों पर कई बहुमंजिला भवन और प्रतिष्ठान बने हैं। लेकिन विभाग ने कभी भी इन्हें चिन्हित करने का प्रयास नहीं किया।
अगर हुई कार्रवाई तो गिरेंगे कई भवन
मैनपुरी। राज्य मार्ग 84 पर उत्तर प्रदेश रोड साइट लैंड एक्ट कंट्रोल एक्ट 1945 और मास्टर प्लान लागू है। अगर लोक निर्माण विभाग तय क्षेत्र से अधिक में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करता है तो निश्चित ही कई बडे़ भवन जमींदोज हो जाएंगे।
राज्य मार्ग 84 के चौड़ीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सिंधिया तिराहे से ज्योंति तिराहा होते हुए क्रिश्चियन तिराहे तक के मार्ग पर अत्यधिक अतिक्रमण के चलते अब सिंधिया तिराहे से लेकर भांवत चौराहे तक के मार्ग को योजना में शामिल कर लिया गया है।
साहूकार सिंह
अधिशासी अभियंता
लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड