फिरोजाबाद। कंटेनर कंपनियों ने गेट-वे पोर्ट तक माल भाड़ा बढ़ा दिया है। प्रमुख कंटेनर कंपनियों के इस कदम से कांच हस्तशिल्प निर्यातक चिंतित हैं। कांच निर्यातकों के अनुसार गेट-वे पोर्ट तक माल पहुंचाना मंहगा हो गया है। इसका असर सबसे अधिक छोटे आर्डरों पर पड़ रहा है।
ईरान-इस्राइल एवं अमेरिका युद्ध के बाद ही महिंद्रा लॉजिस्टिक्स लिमिटेड, ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया आदि प्रमुख कंटेनर कंपनियों ने गेट-वे पोर्ट तक माल की ढुलाई की दरों को बढ़ा दिया है। कांच निर्यातकों के अनुसार कांडला पोर्ट गुजरात, विशाखापत्तनम और चेन्नई पोर्ट तमिलनाडु जैसे प्रमुख बंदरगाहों तक कांच उत्पादों को पहुंचाना मंहगा हो गया है। गेट-वे पोर्ट तक ढुलाई फरवरी की अपेक्षा 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसका असर छोटे आर्डरों और सैंपलिंग उत्पादों की आपूर्ति पर ज्यादा पड़ेगा। कांच निर्यातक सिंहराज यादव एवं सरवर हुसैन ने बताया कि कंटेनर कंपनियों ने बगैर किसी संकेत के देश के विभिन्न हिस्सों के बंदरगाहों तक लोकल भाड़ा में बीते 15 अप्रैल से बढ़ा दिए हैं। इसके कारण निर्यात का कार्य प्रभावित होगा।