मैनपुरी। पुलिस लाइन में तैनात मुख्य आरक्षी साइबर ठगी का शिकार हो गया। ऑनलाइन एप डाउनलोड करने के कुछ ही देर में खाते से करीब 9.20 लाख रुपये निकाल लिए गए। थाना साइबर क्राइम ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है।
जनपद हमीरपुर के गांव पारा ओझी निवासी धर्मेंद्र सिंह पुलिस विभाग में मुख्य आरक्षी हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती रिजर्व पुलिस लाइन मैनपुरी में है। बताया कि 12 अप्रैल को मोबाइल पर इंटरनेट इस्तेमाल करने के दौरान योनो एप डाउनलोड कर ली। एप डाउनलोड करने के बाद उन्हें एक ओटीपी मिला और मैसेज आया जिसमें ओटीपी पूछा गया उन्होंने ओटीपी बता दिया।
इसके कुछ देर बाद वह बैंक से रुपये निकालने के लिए गए तो उन्हें पता चला कि उनके सैलरी एकाउंट व पत्नी के ज्वाइंट एकाउंट से अलग-अलग खातों में करीब 9.20 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए हैं।
तब उन्हें पता चला कि वह साइबर ठगों का शिकार बन चुके हैं। तुरंत ही 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई। बैंक अधिकारियों को भी प्रार्थना पत्र देकर घटना से अवगत कराया। साइबर थाने में प्रार्थना पत्र दिया, साइबर क्राइम थाने में धर्मेंद्र की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करने के बाद जांच व कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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रेडियो निरीक्षक भी फंस चुके हैं जाल में
पुलिस लाइन में तैनात मुख्य आरक्षी धर्मेंद्र सिंह पहले पुलिसकर्मी नहीं हैं, जिनके साथ वारदात हुई है। इससे पहले पुलिस विभाग में रेडियो निरीक्षक के पद पर तैनात राज कपूर भी ठगों के जाल में फंस चुके हैं। लाखों के मुनाफे की लालच में वह करीब 14 लाख रुपये से अधिक की धनराशि गवां चुके हैं। साइबर थाने में प्राथमिकी भी दर्ज है।