मांस की दुकानों को छोड़ा नहीं, बूचड़खानों को छेड़ा नहीं
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चिकन बेचने वालों ने डीएम कार्यालय के पास प्रदर्शन कर डीम को ज्ञापन दिया है। ज्ञापन में कहा कि चिकन बेचने पर शासन की पाबंदी नहीं है। बावजूद पुलिस पर अपराधियों जैसा व्यवहार कर रही है।
शनिवार को डीएम कार्यालय पहुंचे चिकन विक्रेताओं ने प्रदर्शन के बाद डीएम को दिए ज्ञापन में कहा है पोल्टी उद्योग से जुडे़ लोगों की एक कड़ी है। किसान मुर्गी, बकरा पालता है। सप्लायर उसको बेचता है। कटर उसको काटकर ही ग्राहकों को देता है। मुर्गी मीट की दुकानें बंद होने से उनके सामने वित्तीय संकट गहरा गया है। अधिक समय तक मुर्गा, मुर्गी, बकरा, बकरी को अपने पास नहीं रोका जा सकता है। चिकन बिक्री पर रोक नहीं होने के बाद भी पुलिस चिकन बिक्रेताओं के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रही है। ज्ञापन में शासन के निर्देशों के तहत ही कार्रवाई किए जाने ओर अनावश्यक तरीके से किए जा रहे उत्पीड़न रोकने की मांग की है। इस मौके पर रामसिंह, धर्मेंद्र सिंह, राजवीर, प्रवीन, राजेंद्र, मुन्नालाल, राजीव, धीरेंद्र, मोनू, शहजाद खां, शमसुद्दीन, दिलशाद, अहमल खां, राजू खां आदि मौजूद थे।