चैत्र नवरात्र मंगलवार से शुरू हो रहे हैं। सोमवार को दिनभर लोग बाजारों में खरीदारी करते दिखे। वहीं श्रद्धालुओं के व्रत रखने के कारण फलों से लेकर अन्य संबंधित वस्तुओं के दाम सोमवार से ही तेज हो गए। वहीं लोगों को आकर्षित करने के लिए कंपनियों ने इस बार बाजार में बड़े पैमाने पर आकर्षक पैकिंग में रोली, चावल और हल्दी आदि बाजार में उतारे हैं। वहीं पालिका की अनदेखी के चलते मंदिरों के आसपास गंदगी होने से श्रद्धालुओं में आक्रोश है।
सोमवार को बाजार में पूजा से संबंधित सामग्री की दुकानें सज गईं। इन पर बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करते दिखे। किसी ने देवी की प्रतिमाएं खरीदीं तो कई नवदुर्गा की तस्वीरें खरीदता दिखा। बड़ा चौराहा, घंटाघर चौराहा के अलावा, लेनगंज, देवी रोड, मदार गेट, स्टेशन रोड आदि पर स्थित दुकानों पर माता की पूजा से संबंधित सामग्री की खरीदारी की। वहीं मंदिरों में भी साफ सफाई का दौर चलता रहा। हालांकि मंदिरों के आसपास सोमवार तक गंदगी पड़ी दिखी। इसे लेकर लोगों में आक्रोश देखा गया।
नवरात्र आरंभ होते ही बाजार में महंगाई का असर देखने को मिला। फलों से लेकर कुट्टू का आटा तक महंगा हो गया। बात आस्था और भक्ति से जुड़ी होने के कारण लोगों ने इसके बाद भी जमकर खरीदारी की। हालांकि कई स्थानों पर लोगों का विक्रेताओं से इसे लेकर विवाद भी हुआ। पहले जहां कुट्टू का आटा 100 रुपये किलो बिक रहा था, वहीं सोमवार को वह 120-135 रुपये किलो तक बिका। वहीं केले भी 20 रुपये दर्जन बढ़कर 30 रुपये दर्जन तक बिका। इसी प्रकार संतरा 15-20 से बढ़कर 25-30, पपीता 20 से बढ़कर 30, अंगूर 60 से बढ़कर 80 और सेब 100 रुपये किलो से बढ़कर 120 रुपये किलो बिके। इस संबंध में फलों की बिक्री करने वाले सिकंदर ने बताया कि मंडी में फलों के भाव सोमवार से काफी बढ़ गए हैं। इसके चलते फुटकर भाव भी अधिक हैं।
नवरात्र विशेष:
नौका पर होकर आएंगी, अश्व पर सवार होके जाएंगी
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के साथ ही चैत्र नवरात्र का मंगलवार से शुभारंभ हो जाएगा। खास बात यह है कि इस बार नवरात्र पर अद्भुत संयोग बन रहा है। मां दुर्गा नौका पर सवार होकर मंदिरों में विराजमान होंगी और अश्व पर सवार होकर मातारानी की विदाई होगी। ज्योतिष के लिहाज से माता का आगमन और गमन सुख और समृद्धि का संकेत दे रहा है। पंडित ग्या प्रसाद दुबे बताते हैं कि वैसे तो माता का आगमन अपने आप में सुख, समृद्धि देता है। इस बार माता का नौका पर सवार होके आने से देश में अन्नवृद्धि होगी और गमन भी देश में समृद्धि का संकेत दे रहा है। उन्होेंने बताया कि नवरात्र में माता की विशेष रूप से आराधना फलदाई होगी।
ये है घट स्थापना का मुहूर्त
जिले में प्रतिपदा तिथि सुबह आठ बजकर सात मिनट से प्रारंभ होगी। स्थिर लग्न में देवी मां के कलश की स्थापना फलदाई होती है। स्थिर लग्न का पहला मुहूर्त सिंह राशि में दोपहर तीन बजकर 12 मिनट से शाम पांच बजकर 29 मिनट, दूसरा मुहूर्त वृश्चिक राशि में रात 10 बजकर दो मिनट से 29 मार्च को रात 12:19 बजे और तीसरा मुहूर्त कुंभ राशि में 29 मार्च को सुबह चार बजकर नौ मिनट से पांच बजकर 40 मिनट तक रहेगा। गृहस्थ जनों के लिए प्रथम दोनों मुहूर्त ज्यादा शुभ और उपयुक्त रहेंगे।
ये है पूजन सामग्री
चावल, सुपारी, रोली, मौली, जौ, सुगंधित पुष्प, केसर, सिंदूर, लौंग, इलायची, पान, सिंगार, सामग्री, दूध, दही, गंगाजल, शहद, शक्कर, शुद्ध घी, वस्त्र, आभूषण, बिल्व पत्र, यज्ञोपवीत, मिट्टी का कलश, मिट्टी का पात्र, दूर्बा, इत्र, चंदन, चौकी, लाल वस्त्र, धूप, दीप, नैवेद्य, अबीर, गुलाल, स्वच्छ मिट्टी, जल, ताम्र कलश।
ये है पूजन की विधि
मां दुर्गा जी का चित्र स्थापित करें और पूर्वमुखी होकर उनकी चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं। मां दुर्गा के बाई ओर सफेद वस्त्र बिछा कर उस पर चावल के नौ कोष्ठक, नवग्रह, लाल वस्त्र पर गेहूं के सोलह कोष्ठ षोडशामृत बनाएं। एक मिट्टी के कलश पर स्वास्तिक बना कर उसके गले में मौली बांध कर उसके नीचे गेहूं अथवा चावल डाल कर रखें। उसके बाद उस पर नारियल भी रखें। नारियल पर मौली भी बांधे। तेल का दीपक व शुद्ध घी का दीपक जलाए। मिट्टी के पात्र में मिट्टी डालकर हल्का सा गीला करके उसमें जौ के दाने डाले, उसे चौकी के बाई और कलश के पास रखें।
आज से शुरू हो जाएंगे मांगलिक कार्य
होली पर्व के होलिकाष्टक से बंद हुए मांगलिक कार्य नवरात्र शुरू होने के साथ ही प्रारंभ हो जाएंगे। इस दौरान गृह प्रवेश, विवाह-संबंध, वाहन खरीद, तिलक समेत तमाम आयोजन भी हो सकेंगे।
तुला राशि के लाभकारी है नवरात्र
चैत्र नवरात्र तुला राशि वालों के लिए लाभकारी है। दरअसल, तुला राशि से 26 जनवरी को शनि की साढ़े साती उतरी है। इसके चलते तुला राशि वालों को काफी लाभ होगा। वृश्चिक राशि वालों को साढ़े साती का प्रभाव कम करने के लिए मां को दो लौंग के जोड़े अर्पित करने चाहिए।