गुरुवार को नगरपालिका के सभासदों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पालिका की ओर से बरती जा रही अनियमितताएं को दूर करने की मांग की।
सभासदों ने ज्ञापन में कहा कि टेंडर प्रक्रिया में नियमों को ताक पर रखकर अपने चहेतों को टेंडर दिए जा रहे हैं। बोर्ड के गठन के पश्चात पूरी टेंडर प्रक्रिया की जांच कराई जाए। ठेकेदार से 50 प्रतिशत सुविधा शुल्क लिया जा रहा है। इससे कार्य की गुणवत्ता खराब हो रही है। 14 वें वित्त में मनमाने तरीके से प्रस्ताव पारित कराकर कार्य कराए जा रहे हैं। करहल रोड चौराहे से ईशन नदी पुल, जेल, क्रिश्चियन तिराहे से कचहरी रोड पर पूर्व में लगाई गई सोडियम लाइटें उतरवाकर बेच दी गई हैं। इसकी जानकारी सभासदों ने पालिकाध्यक्ष को दी लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।
सभासदों ने कहा कि शहर की जिन गलियों में पहले से ही स्ट्रीट लाइटें व खंभे लगे हैं। वहां पुन: स्ट्रीट लाइट लगवाकर पैसा बर्बाद किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग में पहले से चार सीटर व छह सीटर टायलेट मौजूद हैं। बावजूद इसके दो टायलेट और खरीदी जा रही हैं। सफाई ठेके में 223 कर्मचारियों का भुगतान हो रहा है जबकि काम करने वालों की संख्या बहुत कम है। उक्त मामलों की जांच कराई जाए। ज्ञापन देने वालों में दीपमाला, दीपू गोस्वामी, फूल बहार, नरेश चंद्र, कमला देवी, धन देवी, हिना सक्सेना, आरिफ उल्लाह और मुकेश आदि सभासद मौजूद रहे।