लेखपालों की हड़ताल का सीधा असर अब छात्र-छात्राओं पर होता दिखने लगा है। छात्रवृत्ति पाने के लिए आय, जाति, निवास प्रमाण पत्रों में लेखपालों की रिपोर्ट जरूरी है। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र भी तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं। लेखपालों की हड़ताल के खत्म होने का इंतजार करने के साथ ही आवेदक तहसीलों के रोजाना चक्कर लगा रहे हैं।
लेखपाल संघ के प्रांतीय आह्वान पर जिले के लेखपाल एक माह से आंदोलन की राह पर हैं। लेखपालों की हड़ताल से तहसीलों में कामकाज प्रभावित हो रहा है। पूर्व दशम में छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति पाने के लिए आवेदन करने की तिथि बढ़ाकर 15 सितंबर कर दी गई है। छात्रवृत्ति पाने के लिए 6300 आवेदक अपने आवेदन आनलाइन करने के लिए लेखपालों की हड़ताल समाप्त होने का इंतजार कर रहे हैं। कचहरी रोड स्थित एक सेंटर संचालक सुहेल वारसी का कहना है कि रोजाना लगभग 45-50 छात्र छात्राएं आनलाइन आवेदन कराने के लिए आते हैं, मगर आय और जाति प्रमाण पत्र न बन पाने के कारण वापस लौट जाते हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना में भी आवेदन करने के लिए शासन ने अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी है। योजना के तहत जिले में सात हजार आवेदकों की संख्या सामने आ चुकी है। नगर पालिका, नगर पंचायत, ब्लाक कार्यालयों में आवेदक रोजाना पहुंच रहे हैं। आवास योजना में भी आय, जाति प्रमाण पत्र की अनिवार्यता के कारण उनको वापस लौटना पड़ रहा है। लेखपालों की हड़ताल के चलते आवेदनों पर रिपोर्ट नहीं लग पाने से प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं। जन सेवा केंद्र एलाऊ के संचालक संदीप चौहान बताते हैं कि देहात में अधिकांश लोग तहसील तक जाने की बजाय केंद्र पर आते हैं। रोजाना 35-40 आवेदक हड़ताल के कारण लौट रहे हैं।
लेखपाल संघ अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहा है। हड़ताल के चलते सरकारी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदकों को परेशानी हो रही है। हड़ताल समाप्त होते ही सबसे पहले प्रमाण पत्र बनवाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
महेशचंद्र यादव, अध्यक्ष लेखपाल संघ
लेखपालों की हड़ताल से शासन की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। हड़ताल के संबंध में शासन स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। आवेदकों के सभी प्रमाण पत्र हड़ताल समाप्त होते ही वरीयता के आधार पर बनवाए जाएंगे।
अमित कुमार, प्रभारी एडीएम