भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक भैया दूज मंगलवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने भाइयों के तिलक कर लंबी आयु की कामना की। भाई-बहन यमुना में स्नान करने इटावा भी गए।
भैया दूज का उल्लास सुबह से ही नजर आने लगा था। शहर के मिष्ठान विक्रेताओं के यहां मिठाई की खरीदारी करने वालों की कतार लगी रही। लोगों ने मिठाईयों की खूब खरीदारी की। बास्केट में अपने हिसाब से सामान रखवाकर उसकी पेकिंग कराई गई। भाई को तिलक करने के लिए बहनें सुबह से ही तैयारियों में जुट गई थीं। बहनों ने भाई के तिलक कर दीर्घायु की कामना की तो भाइयों ने भी शुभाशीष दिए।
कहा जाता है कि इसी दिन सूर्य और यमुना जी ने यमराज को भोजन कराया था। इसी कारण इसे यम द्वितीया भी कहते हैं। इस दिन श्रद्धा पूर्वक भाई अपनी बहनों को स्वर्ण आभूषण, वस्त्र, मुद्रा आदि भेंट करते हैं। यमुना नदी में स्नान के महत्व को देखते हुए कई भाई-बहन तड़के ही युमना स्नान के लिए रवाना हो गए।
जेल में बंद भाईयों को टीका करने पहुंची बहनें
जिला कारागार में भी बहनों ने अपने भाईयों को तिलक कर और मिष्ठान खिलाकर दीर्घायु की कामना की। भाइयोें के लिए ईश्वर से कामना की उन्हें सद्बुद्धि दें। जिला कारागार पर सुबह से ही बहनों की भीड़ लगी थी।
बहनों ने किया तिलक तो भाइयों ने दिए उपहार
भैया दूज का पर्व कस्बों और ग्रामीण इलाकों में परंपरागत तरीके से मनाया गया।
करहल में बहनों ने भाईयों को गोला, नारियल और मिठाई भेंट की। नगर में कुछ स्थानों पर सांप्रदायिक सद्भाव भी दिखाई दिया। मुंहबोले मुस्लिम भाईयों को हिंदू बहनों ने तिलक लगाकर मिष्ठान खिलाया।
भोगांव में बहनों ने भाइयों के तिलक कर उनकी लंबी आयु की कामना की। बेवर में भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। घिरोर नगर और ग्रामीण अंचलों में भारी भीड़ रही। कुरावली में भी भैया दूज का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। भाई के माथे पर तिलक करके उनकी लंबी उम्र की कामना की तो वहीं भाइयों ने भी बहनों की रक्षा का वचन दिया।