सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों को कर्मचारियों एवं शिक्षकों के लिए नाकाफी बताते हुए अन्य संगठनों के गठन से बनी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति ने विरोध दर्ज किया। साथ ही बीएसए कार्यालय पर सातवें वेतन आयोग की प्रतियों को भी जलाया।
शुुक्रवार को स्काउट गाइड प्रांगण में सभी संगठनों की बैठक हुई। इसमें शिक्षकों ने आयोग की संस्तुतियों को लेकर आक्रोश जताया, साथ ही बीएसए कार्यालय के सामने आयोग के रिपोर्ट की प्रतियां जलाकर केंद्र सरकार के प्रति विरोध दर्ज किया। बैठक में प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव यादव ने कहा कि सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियां शिक्षक व कर्मचारी विरोधी हैं। सिर्फ आंकड़ों की जादूगरी दिखाकर धोखा दिया जा रहा है। संगठन इसका विरोध करेगा। पिछले 70 वर्षों में गठित किसी भी वेतन आयोग में ऐसा नहीं हुआ। केंद्र सरकार ने अगर समय रहते शिक्षक एवं कर्मचारी की मांगों को नहीं माना तो आगामी चुनावों में उसे इसका खामियाजा भुगतना होगा। जिला महामंत्री महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि 16 जुलाई को पुरानी पेंशन और सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट के विरोध में तिकोनिया पार्क में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष कृष्णानंद दुबे के अनुसार केंद्र सरकार कर्मचारियों व शिक्षकों के चौतरफा दबाव के चलते सिर्फ कोरा आश्वासन ही दे रही है जबकि संगठन रिपोर्ट के खिलाफ आरपार की लड़ाई के मूड में नहीं है। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष गोविंद पांडेय ने भी विरोध दर्ज कराया।
इस मौके पर रामलखन मिश्रा, सत्यवीर सिंह, अवलेंद्र यादव, नेम सिंह, बृजेश यादव, मेघ सिंह, अशोक यादव, कृष्णगोपाल चौहान, सत्यप्रकाश, अमित वैस, आवदीन, जयकरन, अजय दिवाकर, राजकिशोर यादव, मोहम्मद रफी, सुनील दुबे आदि शिक्षक मौजूद रहे।