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UP: 'मौत के जिम्मेदारों को सजा मिले', पेड़ से लटकी मिली शाखा डाकपाल की लाश; सुसाइड नोट में ऐसे बयां किया दर्द

Thu, 11 Jun 2026 08:46 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

परिजन ने शव को मोर्चरी ले जाने आई पुलिस को रोक दिया। कार्रवाई की मांग करने लगे। पुलिस अधिकारियों ने मृतक के पिता को कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद दोपहर करीब दो बजे शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा गया।
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घटना से परिवार में कोहराम मच गया। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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मैनपुरी के बेवर क्षेत्र के मुड़ई डाकघर में तैनात शाखा डाकपाल ने कार्यस्थल पर प्रताड़ना व वसूली से परेशान होकर बृहस्पतिवार सुबह फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें मृतक निखिल वर्मा (26) ने दर्द बयां करते हुए अपनी मौत का जिम्मेदार डाक अधीक्षक सुशील कुमार शुक्ला व डाक पर्यवेक्षक श्याम मुरारी तिवारी को बताया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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गांव राम नगर बलारपुर निवासी निखिल वर्मा बृहस्पतिवार सुबह करीब 9:45 बजे चाय पीकर घर से खेत की तरफ चले गए। जब काफी देर तक वह नहीं लौटे तो परिजन ने तलाश शुरू की। दोपहर करीब 12 बजे उनका शव आम के पेड़ पर अंगोछे के सहारे लटका मिला। शव के पास एक रजिस्टर में उन्होंने सुसाइड नोट छोड़ा था।

सुसाइड नोट पढ़कर परिजन में आक्रोश व्याप्त हो गया। परिजन ने शव को मोर्चरी ले जाने आई पुलिस को रोक दिया और पहले कार्रवाई की मांग करने लगे। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष आशीष दुबे ने मृतक के पिता धर्मेंद्र को कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद दोपहर करीब दो बजे शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा गया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर जांच कर नमूने एकत्र किए। सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है।
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अंतिम इच्छा... मेरी मौत के जिम्मेदारों को सजा जरूर मिले
निखिल वर्मा ने अपने सुसाइड नोट में माता-पिता और चाचा-चाची से माफी मांगते हुए लिखा है कि वह जो करने जा रहे हैं, वह गलत है मगर अब उनसे रहा नहीं जा रहा है। उन्होंने अपनी अंतिम इच्छा का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी नौकरी किसी और को दिलाने की कोशिश न की जाए। इसी नौकरी की वजह से वह आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे हैं। उनकी मौत का जिम्मेदार डाक पर्यवेक्षक श्याम मुरारी तिवारी है, जिसने शाखा कार्यालय में रखे 30 हजार रुपये ले लिए। ये रुपये खाते खोलने के लिए रखे थे। रुपये न होने की वजह से वह खाते नहीं खोल पाए।

 

सुसाइड नोट में आगे लिखा है कि पर्यवेक्षक ने छुट्टी पास कराने के लिए दो हजार रुपये मांगे थे। 9 जून को उसने कहा कि तुम्हारा रजिस्टर चेक हो रहा है कुछ गलतियां मिली हैं। डाक अधीक्षक सुशील कुमार शुक्ला रुपये मांग रहे हैं। नहीं दोगे तो नौकरी नहीं कर पाओगे। प्रताड़ना से तंग आकर वह जान दे रहे हैं। उनकी मौत के जिम्मेदार डाक पर्यवेक्षक और डाक अधीक्षक को सजा जरूर दिलाई जाए।

 
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मृतक के पिता धर्मेंद्र सिंह की तहरीर पर डाक अधीक्षक व डाक पर्यवेक्षक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले में जांच कर कार्रवाई करेगी। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। -रामकृष्ण द्विवेदी, सीओ, भोगांव
 
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