शिव परिवार से विपरीत स्वभाव के बीच अच्छे सामंजस्य तालमेल की शिक्षा मिलती है। शिव बिना प्रयास के भी प्रसन्न हो सकते हैं पर साधक को तो फल मिलना ही होता है। यह प्रवचन आचार्य कौशिक महाराज ने रविवार को दिए।
श्री एकरसानंद इंटर कालेज परिसर में चल रही महाशिवपुराण कथा के दूसरे दिन आचार्य ने कहा सामाजिक रिश्तों में जो बड़े हैं उन्हें हर हाल में अपने से छोटे पर क्रोध के बीच भी प्रेम के सूत्र को जोड़े रखना है। महाशिवरात्रि का व्रत विशेष फलदायी होता है। जिस तरह बंदूक से निकली गोली प्रभावी हो जाती है उसी तरह गुरुमुख से निकला मंत्र ही जपने पर प्रभावी होता है। कथा यजमान रामकिशोरी दीक्षित ने आचार्य पूजन किया। इस मौके पर एसडीएम एमपी गुप्ता, कौशलेंद्र दीक्षित, महेशचंद्र अग्निहोत्री, डा. बीके सिंह, शिव कुमार गुप्ता, वैद्य संजीव मिश्रा, दिनेश दीक्षित, राधारानी दुबे, तोताराम यादव आदि मौजूद थे।