आगरा रोड स्थित खानकाहे रशीदिया में ख्वाजा गरीब नवाज का पांच दिवसीय उर्स चल रहा है। चौथे दिन जायरीन ने चादरपोशी कर देश में अमन और चैन की दुआएं मांगी।
खानकाहे रशीदिया में हर वर्ष बड़ी शान ओ शौकत के साथ ख्वाजा गरीब नवाज का उर्स मनाया जाता है। मंगलवार को सुबह तिलावत-ए कुरआन हुआ। उसके बाद तकरीर हुई। इसमें उलेमाओं ने ख्वाजा गरीब नवाज की करामतें बयां कीं। उलेमाओं ने कहा कि ख्वाजा गरीब नवाज किसी एक धर्म के नहीं बल्कि पूरे हिंदुस्तान के बादशाह हैं। हर धर्म और मजहब के लोग उनकी बारगाह में जाकर दुआएं मांगते हैं।
उर्स में सभी धर्मों के जायरीनों की भीड़ उमड़ रही है। साथ ही लोग गागर और चादर चढ़ा रहे हैं। कव्वाल एक से बढ़कर एक कलाम पेश कर जायरीन को झूमने पर मजबूर कर रहे हैं। कव्वालों ने अपने-अपने कलाम में कहा कि भर दो झोली मेरी या मोहम्मद, दर से जाऊंगा न खाली, यह तो ख्वाजा का करम है मेरे ख्वाजा का करम है। खानकाहे रशीदिया के सज्जादा नशीन अब्दुर्रहमान खां चिश्ती उर्फ बबलू मियां ने बताया कि मंगलवार को रातभर कव्वालियां हुईं और बुधवार की अलसुबह चार बजे ख्वाजा गरीब नवाज का कुल शरीफ होगा। इसके बाद 19 अप्रैल की शाम को रशीद मियां का कुल होगा।