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भांजे का शव ले जाने के लिए बेच दी पत्नी की बाली

Sun, 05 Mar 2017 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
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मृतक राजू - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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रविवार को जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में सरकारी व्यवस्थाओं की धज्जियां उड़ने के साथ ही तार-तार होती मानवता भी देखने को मिली। पोस्टमार्टम हाउस पर एक व्यक्ति को अपने भांजे का शव घर तक ले जाने के लिए बीवी की कानों की बालियां तक बेचनी पड़ीं। इससे पहले वह जिला अस्पताल में चिकित्सकों से शव वाहन उपलब्ध कराने के लिए गिड़गिड़ाता रहा लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी। यह नहीं जिला प्रशासन तक के अधिकारियों ने उसकी गुहार को नजरअंदाज कर दिया।
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थाना कुरावली क्षेत्र में शनिवार को पशु लादकर ले जा रहे ट्रक की टक्कर लगने से कन्नौज के थाना छिबरामऊ के गांव विशुनगढ़ निवासी राजू की मौत हो गई थी। बुआ का लड़का सुमित घायल हो गया था। वह कुछ दिनों पहले ही मामा के घर एटा आया था। रविवार को 12 बजे राजू सुमित को बाइक पर बैठाकर गांव नगला खुमानी एटा लौट रहा था। तभी कुरावली क्षेत्र के जीटी रोड स्थित केसी पेट्रोल पंप के पास ट्रक के चालक ने बाइक में टक्कर मार दी थी। रविवार को मृतक के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद परिवारीजनों के पास शव ले जाने के लिए रुपयों की व्यवस्था नहीं थी। करीब दो घंटा तक अधिकारियों से फोन पर शव वाहन दिलाने की मांग की। महिलाओं और पुरुषों ने हाथ पैर जोड़कर किसी प्रकार भांजे का शव घर तक पहुंचाने की फरियाद भी कि मगर किसी का दिल नहीं पसीजा। आखिरकार भांजे के शव को ले जाने के लिए मामा नरेंद्र को पत्नी के कान की एक बाली बेचने को मजबूर होना पड़ा। 2500 रुपये मिलने के बाद प्राइवेट एंबुलेंस का इंतजाम हुआ। नरेंद्र व साथ आए ग्रामीणों का कहना था कि गरीबों की कहीं भी सुनवाई नहीं होती। सभी नरेंद्र की ओर से मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में कार्रवाई की मांग की है।

जिले के बाहर शव भेजने की व्यवस्था नहीं
सीएमएस एके उपाध्याय का कहना है कि विभाग की ओर से जिले के बाहर शव को भेजने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। जिले के अंदर तो शव वाहन के माध्यम से शव भेजे जाते हैं। चूंकि मामला एटा का था इसलिए शव वाहन नहीं भेजा जा सका।
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