मौके पर नहीं मिले मनरेगा के तहत किए कार्य
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बेसिक शिक्षा विभाग में अध्यापक की नौकरी अब पुलिस की हरी झंडी मिलने के बाद ही मिल सकेगी। सरकारी और प्राथमिक स्कूलाें में सहायक अध्यापकों की नियुक्ति से पहले अब उनका पुलिस वेरीफकेशन भी कराया जाएगा।
उल्लेखनीय है पिछले चार साल में भर्ती के दौरान कई अभ्यर्थियों के दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। इसके चलते उनके खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने पुलिस वेरीफिकेशन करवाने का निर्णय लिया है। चार सालों में फर्जीवाड़े के कई केस सामने आने पर अधिकारी परेशान हैं। बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय ने पुलिस वेरीफिकेशन लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। आने वाले समय में चार हजार उर्दू शिक्षकों और पांच हजार सहायक अध्यापकों की भर्ती से पुलिस वेरीफिकेशन भी अनिवार्य कर दिया जाएगा। पुलिस वेरीफिकेशन रिपोर्ट मिलने के बाद ही बीएसए नियुक्ति पत्र जारी करेंगे।
आठ शिक्षक निकल चुके हैं फर्जी
मैनपुरी (ब्यूरो)। जिले में वर्ष 2013-14 में 29 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत गणित और विज्ञान के शिक्षकों की भर्ती हुई। इसमें 340 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिए गए थे। इसमें काउंसलिंग के दौरान एक अभ्यर्थी के प्रमाणपत्रों की फोटोस्टेट फाइल अधिकारियों ने पकड़ ली। इसकी सूचना तत्कालीन डीएम को दी गई। तत्कालीन डीएम ने जांच कराने को कहा। इसमें आठ शिक्षक फर्जी निकले। जिन्हें बीएसए ने बर्खास्त किया।
इन बिंदुओं पर होगा वेरिफिकेशन
मैनपुरी (ब्यूरो)। बेसिक शिक्षा विभाग में नियुक्ति से पहले पुलिस वेरिफिकेशन अब अनिवार्य होगा। इसके तहत आवेदन करने वाले का कैरेक्टर वेरिफिकेशन पुलिस करेगी। साथ ही उसके आपराधिक इतिहास और कोई मुकदमा तो दर्ज नहीं है इसका भी वेरिफिकेशन किया जाएगा। ताकि फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्ति पाने वालों पर अंकुश लग सके। विभाग का मानना है कि जो लोग फर्जी प्रमाण पत्रों से नौकरी प्राप्त करते हैं उनका अमूमन कहीं न कहीं थाने में रिकार्ड होता है। पुलिस वेरिफिकेशन से इस पर अंकुश लगाया जा सकता है।
अब शिक्षकों की नियुक्ति से पहले पुलिस वेरीफिकेशन किया जाएगा। इस संबंध में मौखिक सूचना मिली है। लिखित आदेश मिलते ही पुलिस वेरीफिकेशन अनिवार्य कर दिया जाएगा।
- रामकरन यादव, बीएसए