पलंग फिर से फुल, जमीन पर लगवाए बिस्तर
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पारा बढ़ने के साथ ही जिले में संक्रामक रोग भी बढ़ते जा रहे हैं। अभी तक जिला अस्पताल में कंट्रोल रूम भी नहीं बना है। मरीज इतने हैं कि पलंग भी कम पड़ गए हैं जमीन पर लेटकर उपचार कराया जा रहा है यही नहीं यहां भी जगह कम पड़ने पर दूसरे विभागों में मरीजों के लिए जमीन पर बिस्तर लगवा दिए हैं। मंगलवार को 14 रोगी और भर्ती किए। अब तक इमरजेंसी में भी जगह कम पड़ गई है। मेडिकल स्टाफ भी कम पड़ गया है।
जिले में संक्रामक रोगों का प्रकोप बढ़ रहा है। उल्टी दस्त और डायरिया के रोगियों की भीड़ जिला अस्पताल हो या झोलाछाप की दुकानें हर जगह दिख रही है। अधिकांश अस्पतालों में चिकित्सक ही समय से नहीं पहुंचते। इसके चलते रोगियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। अकेले जिला अस्पताल में देखें तो संक्रामक रोगों के मरीज बढ़ते जा रहे हैं।
जिला अस्पताल के सौ बैड भी कम पड़ गए। वहीं जिले के सीएचसी और पीएचसी में समय से चिकित्सकों के न पहुंचने से भी जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव बढ़ गया है। हाल ये है ड्रिप लगाने के लिए स्टाफ कम हो गया है। मंगलवार को नर्सों की झड़प भी हुई।
सभी चिकित्सकों को समय से अस्पतालों में पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। संक्रामक रोगों के नियंत्रण के लिए जिला मुख्यालय पर कंट्रोल रूम बनाने की तैयारी चल रही है।
- डा. एके उपाध्याय, सीएमएस