पालिका के सीमा विस्तार में की गई मनमानी
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पालिका के सीमा विस्तार में मानकों के विरुद्ध मनमाने तरीके से कार्य किया गया। आपत्तियों का निस्तारण किए बिना ही सीमा विस्तार कर दिया। यह सभी कार्य एक सपा विधायक के दबाव में हुए। इसलिए सीमा विस्तार की जांच की जानी चाहिए। साथ ही पालिका का सीमा विस्तार का प्रस्ताव दोबारा से बनाया जाना चाहिए। यह बातें पालिका के सीमा विस्तार में शामिल छह से अधिक ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना को भेज पत्र में कही हैं। वहीं नगर विकास विभाग ने इस संबंध में पत्र भेजकर जानकारी मांगी है।
उल्लेखनीय है सपा शासन में नगर पालिका के सीमा विस्तार का प्रस्ताव तैयार हुआ था। इसमेेेेेेेेेेेेें तब कई आपत्तियां लगाई गई थीं लेकिन सत्ता के दबाव में प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया। साथ ही आनन-फानन में शासन से उक्त प्रस्ताव मंजूर कर अधिसूचना भी जारी कर दी गई। अब सत्ता परिवर्तन के बाद एक बार फिर पालिका के सीमा विस्तार पर सवाल उठने लगे हैं। इस संबंध में जगरूपपुर, संसारपुर, ताबेपुर, रमईहार, मैनपुरी देहात, धारऊ, मधाऊ, खरपरी, अकदूइया, देवपुरा देहात, ट्रांस्पोर्टनगर मौजा औड़ण्य पड़रिया का आंशिक भाग के प्रधानों ने नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना को पत्र भेजा है।
कहा है कि सीमा विस्तार के दौरान हम लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई थीं लेकिन इसके बाद भी उनका निस्तारण नहीं किया गया और सपा विधायक के दबाव में आनन फानन में सीमा विस्तार का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया। यही नहीं वहां से अधिसूचना भी जारी कर दी गई। उन्होंने कहा कि सीमा विस्तार में दूर के गांवों को शामिल किया गया है। वहीं पास के गांवों को छोड़ दिया गया है। इसका उद्देश्य जाति विशेष के व्यक्ति को नगर पालिका का चेयरमैन बनाना है। उन्होंने नगर विभाग मंत्री से इस संबंध में पुन: विचार कर पालिका का सीमा विस्तार की प्रक्रिया फिर से कराने की मांग की है। एडीएम डाक्टर एके श्रीवास्तव ने बताया कि शासन से मिले पत्र में जो जानकारी मांगी है वह भेजी जा रही है।
ईओ से मांगी जानकारी
मैनपुरी। शासन से पत्र आने के बाद जिला स्तरीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। ईओ नगर पालिका रामपाल से पालिका के सीमा विस्तार के संबंध में अपनाई गई प्रक्रिया की पूरी जानकारी मांगी है। उन्हें पत्र भी भेजा गया है।