तिकोनिया पार्क में पांच सूत्रीय मांगों को मनवाने के लिए 15 दिन से धरने पर बैठीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का धैर्य सोमवार को जवाब दे गया। आक्रोशित कार्यकत्रियों ने दोपहर को ईशन नदी पुल पर जाम लगा दिया और नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे डीपीओ से भी अभद्रता की। चार घंटे बाद एडीएम के समझाने पर कार्यकत्रियों ने जाम खोला और फिर से धरनास्थल पर पहुंच गईं।
बता दें कि 11 जुलाई से तिकोनिया पार्क में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का धरना चल रहा है। इनकी मांग है कि वह हौसला पोषण मिशन योजना का खाता ग्राम प्रधान के साथ नहीं चलाएंगी। साथ ही अभद्रता करने वाले ग्राम प्रधान पति को गिरफ्तार किया जाए। बीएलओ की ड्यूटी से मुक्त किया जाए। मानदेय 15 हजार दिया जाए। साथ ही रुका हुआ मानदेय शीघ्र दिया जाए। उक्त सभी मांगों को लेकर 15 दिन से धरना स्थल पर बैठी हैं। कोई सुनवाई न होेने पर सोमवार को कार्यकत्रियों ने ईशन नदी पुल पर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जाम लगा दिया। साथ ही डीपीओ को हटाने के नारे भी लगाए। मौके पर पहुंचे डीपीओ साहब यादव से आक्रोशित कार्यकत्रियों ने अभद्रता करते हुए उनकी गाड़ी का घेराव किया, लेकिन वह मौके से चले गए।
जाम स्थल पर पहुंचे एडीएम राकेश कुमार मालपाणी, तहसीलदार, एसडीएम ने कार्यकत्रियों को समझाया। एडीएम ने कार्यकत्रियों को आश्वासन दिलाया कि वह शासन स्तर तक उनका मांगपत्र भेजेंगे। यह मामला उनके स्तर का नहीं है। इस पर बमुश्किल कार्यकत्रियों ने एडीएम को पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपा और वापस धरनास्थल पर पहुंच गईं। जिलाध्यक्ष सरिता शाक्य ने कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी धरना जारी रहेगा। चार घंटे तक जाम के चलते आवागमन प्रभावित हुआ। पुलिस बल ने मार्ग परिवर्तन कराया।
जाम के दौरान कई आंगनबाड़ियों की बिगड़ी तबियत
मैनपुरी। तेज धूप होने से जाम लगा रहीं कई आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की हालत बिगड़ गई। उपचार के लिए उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद वापस धरनास्थल पर पहुंच गईं।