मैनपुरी। मैनपुरी प्रखंड निचली गंग नहर के अधिशासी अभियंता पर करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार करने का आरोप तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट में साबित हुआ है।
शिकायतों का स्थलीय निरीक्षण और भौतिक सत्यापन के बाद समिति ने जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। वित्तीय वर्ष 2022-2023 से 2024-2025 तक कराए गए कामों की विस्तृत लेखा परीक्षा कराने की संस्तुति भी की है।
भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष कौशलेंद्र सिंह निवासी जगतपुर बिछवां ने प्रभारी मंत्री, पर्यटन मंत्री, डीएम से शिकायतें कर आरोप लगाया था कि निचली गंगा नहर के अधिशासी अभियंता ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में शासन स्तर से आवंटित बजट में से करोड़ों रुपये का गबन किया है।
शासन से मिले निर्देश के बाद डीएम अंजनी कुमार सिंह ने एडीएम श्यामलता आनंद, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, अधिशासी अभियंता उप्र जल निगम ग्रामीण की जांच समिति बनाकर शिकायतों का स्थलीय निरीक्षण और भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए।
समिति ने कई बार मौके पर जाकर शिकायत कर्ता के सामने स्थलीय निरीक्षण और भौतिक सत्यापन कर शिकायतों की हकीकत जानी। जांच में पता चला कि कई कार्य कराए बिना भुगतान हुआ। कई कामोंं का दो बार भुगतान हुआ।