फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अल्लाह हमारे गुनाहों को बख्श दे...

Thu, 11 May 2017 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी।
विज्ञापन
अल्लाह हमारे गुनाहों को बख्श दे... - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ऐ अल्लाह रब्बुल इज्जत, ऐ अर्श ए आजम के मालिक। ऐ इज्जत ओ जिल्लत के मालिक। ऐ अल्लाह हम तेरे गुनहगार और खताकार बंदे हैं। हमारे गुनाहों और खताओं को माफ फरमा। ऐ अल्लाह हमारे गुनाह ए सगीरा और  गुनाह ए कबीरा को बख्श दे। ए अल्लाह रब्बुल इज्जत हम अपने गुनाहों की तौबा करते हैं, हमारी तौबा कुबूल फरमा। या अल्लाह हम गुनहगार हैं, सियाकार है लेकिन तेरे महबूब की उम्मत में है, तू अपनी रहमत से हमें माफ कर दे। या अल्लाह हमें ऐसी नमाज पढ़ने की तौफीक अता कर जिससे तू राजी हो जाए। इस तरह की सदा जिले की हर मस्जिदों से आई। मौका था शब ए बरात का जिसमें लोगों ने पूरी रात इबादत कर अपने गुनाहों को बख्शवाने के लिए दुआ की।
विज्ञापन


गुरुवार को शब-ए-बरात का त्योहार अकीदत से मनाया गया। घरों में कई तरह के हलवे बना फातिहा दिलाई गई। लोगों ने बाद नमाज मगरिब के घरों और कब्रिस्तानों में रोशनी की। वहीं बाद नमाज इशा लोगों ने बारगाह ए इलाही में पूरी रात इबादत में गुजारी। वहीं औरतों ने अपने घरों में इबादत की। वहीं  फजर की नमाज के बाद लोगों ने अपने बुजुर्गों की कब्रों पर फातिहा पढ़ी।

बता दे कि शब-ए-बरात इस्लामी साल के माह शाबान अर्थात आठवां माह की 15 तारीख को मनाई जाती है। यह रात और रातों से अफजल और अजीम होती हे। आज के दिन लोग इबादत कर अपने गुनाहों को बख्शवाने की दुआ करते हैं। इस दौरान जामा मस्जिद के पेश इमाम मोहम्मद शमी अहमद ने तकरीर कर इस रात की फजीलत बताई। शहर की विभिन्न मस्जिदों और दरगाह पर रोशनी की गई।
विज्ञापन


शब-ए-बरात का पर्व पूरी अकीदत व एहतराम के साथ मनाया गया। इस मौके पर दिनभर घरों में विशेष पकवान बना। शाम को फातिहा हुई। साथ ही कब्रिस्तान जाकर अपने अपने बुजुर्गों के अलावा सभी की कब्रों पर रोशनी की।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें