करहल उपचुनाव के लिए तेजप्रताप यादव के नामांकन में पहुंचे अखिलेश यादव, शिवपाल यादव व अन्य
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विधानसभा उपचुनाव को देखते हुए मैनपुरी की करहल सीट प्रदेश में सर्वाधिक चर्चित सीट है। क्योंकि यहां से सपा मुखिया अखिलेश यादव विधायक चुने गए थे। उनके इस सीट को छोड़ने के बाद यह खाली हुई है। हाल ही में बीते लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस के गठबंधन में अच्छे प्रदर्शन से सपा प्रमुख ऊर्जावान दिख रहे हैं। वहीं भाजपा इस सीट को जीतने का दावा कर रही है।
इसी बीच उपचुनाव में सपा और कांग्रेस के गठबंधन में खींचतान की खबरें भी सामने आई। कहा गया कि उपचुनाव में कांग्रेस को महज दो सीटें सपा ने दी हैं, इसलिए वह नाराज है। 21 अक्टूबर को सपा से तेज प्रताप यादव ने नामांकन पर अखिलेश यादव मैनपुरी पहुंचे थे। तो मीडिया ने उनसे गठबंधन के तनाव पर सवाल पूछा।
इस पर अखिलेश यादव ने खुलकर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अभी नामांकन चल रहे हैं। हमारे दो दलों के बीच की बात है, हम इसका रास्ता निकाल लेंगे। हालांकि अब यह तो देखने वाली बात होगी कि अखिलेश के प्लान को कांग्रेस कितना मानती है। या उसकी नाराजगी जारी रहेगी।
दरअसल करहल विधानसभा उपचुनाव के लिए सपा से तेज प्रताप यादव ने नामांकन कर दिया है। उनके नामांकन में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी पहुंचे। अखिलेश ने कहा कि तेज प्रताप यादव भारी बहुमत से जीतकर जाएंगे। मैनपुरी के लोगों ने सपा और नेताजी का हमेशा साथ दिया है। करहल की जनता समाजवादी पार्टी को हमेशा चुनती रही है। इस बार चुनाव में पहले से अधिक समर्थन मिलेगा। इसके चलते चुनाव परिणाम ऐतिहासिक होने वाला है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जिसको चाहे गिरफ्तार करा दे। पत्रकारों की भी गिरफ्तारी कराई जा रही है। एक सवाल के जवाब में कहा कि करहल की जनता के सामने मशीनरी का कोई दुरुपयोग नहीं हुआ। टिकट बंटवारे को लेकर कहा कि यह आपसी मामला है। हम हल निकाल लेंगे। उन्होंने कहा कि मिल्कीपुर में इंटरनल सर्वे में बीजेपी हार रही थी, इसलिए चुनाव रोका गया।
उन्होने कहा कि बार-बार मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों के बाद भी कोई बदलाव नहीं आया। भाजपा किसी को न्याय नहीं दे सकती है। इस बार जनता पूरा हिसाब-किताब करेगी। ये सरकार जाने वाले लोगों की है। उनके पास समय नहीं है। उपचुनाव में जनता इन लोगों को हराकर विदाई का रास्ता खोल देगी।